गोरखपुर चिड़ियाघर का सफेद बाघ।
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अगले दो से तीन वर्ष में शहीद अशफाक उल्ला खान प्राणि उद्यान सफेद बाघ का प्रजनन केंद्र बन सकता है। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। सफेद बाघ गीता (मादा) के आने के बाद उसके साथी की तलाश की जा रही है।
संभावना थी कि कानपुर, लखनऊ या कर्नाटक चिड़ियाघर से इसे मंगवाया जाएगा, लेकिन मुख्यमंत्री ने अब साफ कर दिया कि एक और सफेद बाघ चेन्नई से आएगा।
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरूण कुमार सक्सेना आए थे। इससे पहले सर्किट हाउस में अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने चिड़ियाघर में भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।
वन मंत्री ने कहा कि सफेद बाघ के प्रजनन केंद्र के तौर पर गोरखपुर चिड़ियाघर की पहचान बनें, इस पर काम चल रहा है। अभी हम देश के दूसरे राज्यों से सफेद बाघ चिड़ियाघर में ला रहे हैं। अब योजना है कि गोरखपुर चिड़ियाघर में सफेद बाघ का कुनबा बढ़े और हम देश के अन्य राज्यों के चिड़ियाघरों को यहां से सफेद बाघ दे सकें।
वन मंत्री ने कहा कि अब तो मुख्यमंत्री ने भी साफ कर दिया है कि चेन्नई से एक सफेद बाघ लाया जाएगा। अगले दो से तीन वर्ष में चिड़ियाघर को सफेद बाघ के प्रजनन केंद्र के रुप में पहचान मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि जंगल में सफेद बाघ खुद जोड़ा बनाते हैं, जबकि चिड़ियाघर में जोड़ा बनाने से पहले विशेष सावधानी रखनी पड़ती है। बाघ और बाघिन को साथ रखने से पहले बाड़े को उनके स्वाभाव के अनुरूप तैयार किया जाता है।
सात वर्ष की है गीता
सात वर्ष की बाघिन गीता को गोरखपुर में लखनऊ चिड़ियाघर से लाया गया है। गीता, दिल्ली के उस चर्चित बाघ विजय की संतान है, जिसने कुछ वर्ष पहले बाड़े में गलती से गिरे युवक की जान ले ली थी।