जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने कहा कि जेल में बंद बड़ी संख्या में कैदी व बंदियों ने श्रीमद्भावत गीता पढ़ने की इच्छा जाहिर की थी। उन्हें उपलब्ध करा दी गई है। इससे उनके व्यवहार में काफी बदलाव भी नजर आ रहा है। इसकी वजह से ही कई सजायाफ्ता बंदी जेल में ही काम भी कर रहे हैं और अपने घर पर पैसे भी भेज रहे हैं। इसके अलावा अभी हाल ही में जेल की लाइब्रेरी में कई अच्छे लेखकों की पुस्तकें भी मंगा दी गई हैं।
फैक्ट फाइल
- कुल बंदियों की संख्या - 1967
- अंडर ट्रॉयल कैदी - 1597
- सजायाफ्ता पुरुष बंदी - 370
- महिला बंदियों की संख्या - 110
- सजायाफ्ता महिला बंदी - 27
- अंडर ट्रायल महिला कैदी - 83
- बैरक की संख्या - 29