करीब आठ माह पहले विश्वविद्यालय में हुए एक कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं का सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत होना था। रंगीनमिजाज असिस्टेंट प्रोफेसर ने छात्रा को इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने को कहा। उसने छात्रा से कहा कि दमदार डांस करो। छात्रा ने मना किया तो उसने वेटेज (भारांक) का जाल फेंका। इस पर भी उसने मना कर दिया तो आरोपी ने नंबर काट लेने की धमकी भी दी।
इसके बाद जब भी विश्वविद्यालय में कोई कार्यक्रम होता तो आरोपी इस छात्रा पर ही डांस में हिस्सा लेने का दबाव बनाता। वह चाहता कि छात्रा ठुमके लगाकर डांस करे। कुछ महीने पहले जब असिस्टेंट प्रोफेसर को पद की जिम्मेदारी से हटाया गया, तब जाकर छात्रा को राहत मिली।
ये था मामला
बता दें कि पीड़ित छात्रा 21 दिसंबर को प्रैक्टिकल फाइल जमा करने विभाग पहुंची तो आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर ने उसे प्रभाव में लेने की कोशिश की। उसी रात छात्रा के मोबाइल पर फोन कर दबाव बनाया। छात्रा ने मोबाइल फोन में करीब 29 मिनट तक की बातचीत को रिकाॅर्ड किया है। दूसरे दिन छात्रा विभाग गई तो प्रैक्टिकल फाइल जमा करने के लिए उसे अपने कमरे में बुलाया और उसकी सहेली के सामने ही अभद्र व्यवहार करने लगा। छात्रा ने इस बात का जिक्र भी अपने शिकायती पत्र में किया है।
शोध छात्रा के सुपरविजन को लेकर दो शिक्षकों में रार
गोरखपुर विश्वविद्यालय के एक अन्य विभाग में भी शोध छात्रा के सुपर विजन को लेकर दो शिक्षकों में रार चल रही है। एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर पर उसके सुपर विजन में शोध कर रही छात्रा को अपने चहेते असिस्टेंट प्रोफेसर को अघोषित रूप से सुपरवाइजर बनाने का आरोप लगाया है।
शिक्षक ने कार्य परिषद की बैठक में अध्यक्ष को यह शिकायती पत्र देकर कार्रवाई का मांग की है। यह शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं बृहस्पतिवार को वरिष्ठ प्रोफेसर ने भी कुलपति को प्रार्थना पत्र देकर छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की।
असिस्टेंट प्रोफेसर ने कार्य परिषद की बैठक में शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि वरिष्ठ प्रोफेसर कूट रचना कर शोध छात्रा के लिए दूसरा सुपरवाइजर बनाकर उसे अपने कमरे में बैठाते हैं। पत्र में उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं। शिक्षक का शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।