एनएचएआई के गोरखपुर डिवीजन के अंतर्गत गोरखपुर-वाराणसी मार्ग का 131 किलोमीटर हिस्सा आता है। इसका कार्य पूरा करने की समयसीमा अब दिसंबर 2021 निर्धारित की गई है। एनएचएआई के अधिकारी का दावा है कि वर्तमान में 87 किलोमीटर फोरलेन तैयार है। इस फोरलेन के एक तरफ की सड़क को मार्च तक तैयार होना था पर कोरोना के कारण पूरा नहीं हो पाया। अब काम जून तक पूरा होगा।
उधर, अंडरपास व आमी क्षेत्र में बन रहे पुल व सड़क के कारण आवागमन में दिक्कत हो रही है। गोरखपुर-बड़हलगंज के बीच 60 किलोमीटर की दूरी में 9 अंडरपास बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा दो अन्य बाईपास का भी निर्माण हो रहा है। बड़हलगंज में घाघरा नदी पर एक पुल का निर्माण भी हो रहा है।
आमी नदी क्षेत्र में कई पुल बन रहे हैं। मुख्य पुल का काम अंतिम दौर में है। मानसून आने के पहले यहां पर पुल व सड़क का काम पूरा करना है। बाघागाड़ा से कसिहार तक टू लेन का काम पूरा है। कुछ जगह फोरलेन भी तैयार है। दूसरी तरफ कौड़ीराम बाईपास का कुछ हिस्सा छोड़ दें तो वह पूरा हो गया है।
बड़हलगंज-दोहरीघाट बाईपास का काम अंतिम दौर में है। घाघरा नदी पर बनने वाले ब्रिज के एक तरफ का हिस्सा दिसंबर तक चालू कर दिया जाएगा। इसी प्रकार मऊ जनपद में घोसी बाईपास का काम भी अंतिम दौर में है, यहां केवल 300 मीटर काम बाकी है।
एनएचएआई परियोजना प्रबंधक सीएम द्विवेदी ने कहा कि गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के टू लेन का काम जून तक पूरा कर लिया जाएगा। यह काम मार्च तक पूरा होना था पर कोरोना के कारण विलंब हुआ। जनपद में गोरखपुर से बड़हलगंज तक 9 अंडरपास बनने हैं, उसमें से छह का काम जून तक पूरा कर लिया जाएगा। फोरलेन का पूरा काम दिसंबर तक हो जाएंगा।