गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन का निर्माण अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा। 131 में से 92 किलोमीटर तक काम पूरा हो चुका है। एनएचएआई के जिम्मेदार बताते हैं कि जो काम बचा है उसे अक्तूबर से पहले पूरा करा लिया जाएगा। कोरोना के चलते निर्माण की गति अपेक्षाकृत कम हो गई थी। लेकिन अब हालात सामान्य होने से काम में तेजी आई है।
गोरखपुर से गाजीपुर तक 131 किलोमीटर में से 92 किलोमीटर तक फोरलेन का काम पूरा होने का दावा विभाग कर रहा है। जो काम बचा हुआ है वह मार्केट एरिया का है। उसे भी अक्तूबर तक पूरा कराने की बात एनएचएआई के जिम्मेदार बता रहे हैं।
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन नेपाल और भारत को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इसके अलावा दो प्रमुख धार्मिक नगरी काशी विश्वनाथ और गुरु गोरखनाथ की तपस्थली के लिहाज से भी यह मार्ग अहम है। रोजाना इस रास्ते हजारों वाहन आते-जाते हैं। कोरोना काल को छोड़ दें तो इस रास्ते हजारों सैलानी आवाजाही करते हैं। निर्धारित समय से काफी विलंब से हो रहे फोरलेन के निर्माण पर सत्ता से लेकर विपक्ष तक सवाल उठा रहा है। मुख्यमंत्री जब भी जिले के दौरे पर आते हैं तो गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के प्रगति की समीक्षा करते हैं।