गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के निर्माण की निगरानी पीएमओ कार्यालय से शुरू होने के बाद अब इसका असर दिखने लगा है। जिस बदहाल सड़क पर चलना मुश्किल था, उसका नव निर्माण कराने की जिम्मेदारी एनएचएआई ने लोक निर्माण विभाग को दे दी है। इसमें कौड़ीराम में साढ़े तीन किलोमीटर एनएच के पुराने भाग का नवनिर्माण कराया जाएगा।
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के निर्माण कराने वाली फर्म जेपी एसोसिएट की सुस्ती की वजह से इसका कार्य काफी पिछड़ गया। सड़क की हालत यह हो गई कि उस पर सफर करना मुश्किल हो गया है। सीएम से लेकर मुख्य सचिव के फटकार का असर फर्म पर नहीं दिखा। बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री से इसकी शिकायत की।