गोरखपुर। जिस रागी (मंडुआ) पर गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के हेड प्रो. रामवंत गुप्ता प्रयोगशाला में शोध कर रहे हैं उसी से तैयार वैल्यू-एडेड रागी बिस्किट अब स्कूल के बच्चों तक पहुंच गए हैं। इस वर्ष प्रयोग के तौर पर खोराबार के रामगढ़ स्थित कंपोजिट विद्यालय चवरी में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों के बीच रागी बिस्किट का वितरण किया गया।
प्रो. गुप्ता का काम हालांकि बिस्किट तैयार करने तक सीमित नहीं है। वह रागी की पत्तियों में प्रकाश संश्लेषण, इलेक्ट्रॉन ट्रांसपोर्ट और कार्बन डाइऑक्साइड के प्रवाह को बेहतर बनाने पर शोध कर रहे हैं ताकि सूखे में भी इसकी उत्पादकता बढ़ाई जा सके। यूपी काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च ने इस परियोजना के लिए 73.14 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।
रागी की अलग-अलग परिस्थितियों में उत्पादकता और जैविक प्रतिक्रिया को समझने के लिए तापमान, वातावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड, प्रकाश और वाष्प दबाव जैसे कारकों के प्रकाश संश्लेषण पर प्रभाव का अध्ययन किया जा रहा है। इसके अलावा गेहूं पर बढ़ते तापमान के प्रभाव और रागी में लवणीयता के बीच जिबरेलिक एसिड के प्रभाव पर भी शोध जारी है।