ऐच्छिक कोर्स में भारतीय भाषा विज्ञान, भारतीय वास्तु शास्त्र, भारतीय तर्क, धातु शास्त्र आदि हैं। इनमें भारतीय ज्योतिषीय उपकरण, मूर्ति विज्ञान, बीज गणित, भारतीय वाद्य यंत्र, जल प्रबंधन भी हैं। फाउंडेशन कोर्स में वेदांग, भारतीय सभ्यता व साहित्य, भारतीय गणित, ज्योतिष, भारतीय स्वास्थ्य विज्ञान व भारतीय कृषि जैसे विषय शामिल होंगे।
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नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा के छात्रों को उनके शैक्षणिक पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) को लागू करने का निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भी इसको लेकर पहल शुरू कर दी है। इसके अंतर्गत उच्च शिक्षा के छात्रों को उनके शैक्षणिक पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में खगोल विज्ञान की वैदिक अवधारणाओं से लेकर प्लास्टिक सर्जरी, आयुर्वेद से लेकर योग तक भारतीय ज्ञान प्रणाली पर पाठ्यक्रम लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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गोविवि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान प्रणाली (इंडियन नॉलेज सिस्टम) लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर मिनिस्ट्री ऑफ हायर एजुकेशन टीम के साथ बैठक की गई है। जल्द ही भारतीय ज्ञान प्रणाली को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।