गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अब शिक्षकों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति वेतन भुगतान का आधार बनेगी। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने विश्वविद्यालय में कार्य संस्कृति को जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के लिए सभी स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। नई व्यवस्था के तहत हर माह की पहली तारीख को पिछले माह का वेतन बैंक खाते में भेजने की तैयारी है।
नई व्यवस्था में हर महीने की 25 तारीख तक पिछले माह की बायोमेट्रिक उपस्थिति का सत्यापन कराया जाएगा। शिक्षक और कर्मचारी अपने विभागाध्यक्ष, निदेशक, समन्वयक, अधिष्ठाता अथवा अध्यक्ष के माध्यम से उपस्थिति का सत्यापन कराएंगे। सत्यापित रिकॉर्ड कंप्यूटर सेंटर को उपलब्ध कराया जाएगा। इसी रिकॉर्ड के आधार पर वेतन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
वेतन भुगतान में देरी न हो, इसके लिए 28 तारीख तक वेतन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद वित्त अधिकारी कार्यालय द्वारा अगले माह की पहली तारीख को संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन भेजा जाएगा। उपस्थिति दर्ज होने से मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता कम होगी और वेतन भुगतान में रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय लिया जा सकेगा।