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गोरखपुर विश्वविद्यालय: जल्द घोषित होगा प्री पीएचडी का परिणाम, 30 अप्रैल 2023 को हुई थी परीक्षा

Fri, 17 Nov 2023 02:30 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।

सार

गोविवि कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी ने कहा कि सत्र 2019-20 के प्री पीएचडी के कुछ छात्रों का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो सका था। परीक्षा समिति की बैठक में जल्द उनका परीक्षा परिणाम घोषित करने और उनके बैच के निर्धारण पर निर्णय लिया गया है।
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DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सत्र 2019-20 के प्री पीएचडी छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम जल्द घोषित कर दिया जाएगा। हाल ही में हुए परीक्षा समिति की बैठक में परीक्षा परिणाम घोषित करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद से इसको लेकर तैयारी शुरू कर दिया गया।

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गोविवि में सत्र 2019-20 के प्री पीएचडी के छात्र-छात्राओं का छह महीने का कोर्स पूरा करने में करीब दो साल लग गए थे। छात्रों के लंबे संघर्ष के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 10 जनवरी 2022 को दो पाली में उनकी परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया था। निर्धारित मानक के विपरीत प्रश्न पत्र आने का आरोप लगाते हुए कई छात्र-छात्राओं ने हंगामा खड़ा कर दिया था।

परीक्षा नए पैटर्न पर कराने का विरोध करते हुए करीब 100 छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार किया। विवि प्रशासन ने 17 विद्यार्थियों के खिलाफ कैंट थाने में केस दर्ज कराया। इसके विरोध में विद्यार्थी हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट के आदेश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 30 अप्रैल 2023 को उनकी परीक्षा कराया। लेकिन मामला हाईकोर्ट में लंबित होने के चलते परीक्षा परिणाम नहीं घोषित किया गया था।
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इस बीच कैंट पुलिस द्वारा केस में एफआर लगा दिया था। लेकिन उसके बाद भी गोविवि प्रशासन ने उन शोधार्थियों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस नहीं ली। कुलपति प्रो. पूनम टंडन के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने इसे प्राथमिकता में लेते हुए 10 अक्टूबर को अनुशासनात्मक कार्रवाई को वापस ले लिया। पिछले सप्ताह परीक्षा समिति की बैठक में प्री पीएचडी छात्रों का परीक्षा परिणाम घोषित करने पर चर्चा हुई। जिसमें जल्द परीक्षा परिणाम घोषित करने का निर्णय लिया गया।

 
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कोरोना महामारी और गोविवि की लापरवाही रही जिम्मेदार
इस मामले में कोरोना महामारी के कारण छात्रों का छह महीने होने वाली परीक्षा पूरी नहीं हो सकी थी। बाद में गोविवि प्रशासन इसे लेकर पूरी तरह लापरवाह दिखा। इसे लेकर छात्रों को करीब एक महीने तक लगातार अनशन करना पड़ा था। प्रदर्शन करने वाले 17 छात्रों पर केस दर्ज कराया गया। छात्रों की जायज मांगों पर विवि प्रशासन ने उनकी प्री पीएचडी की परीक्षा तो कराई लेकिन उसके प्रश्न पत्र पर सवाल खड़े हो गए।

गोविवि कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी ने कहा कि सत्र 2019-20 के प्री पीएचडी के कुछ छात्रों का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो सका था। परीक्षा समिति की बैठक में जल्द उनका परीक्षा परिणाम घोषित करने और उनके बैच के निर्धारण पर निर्णय लिया गया है।
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