गोरखपुर न्यूज़: गोरखपुर में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में अनशन कर रहे निष्कासित छात्रों और पुलिस के बीच बुधवार को तनाव चरम पर पहुंच गया। परिसर में लगातार दो घटनाओं के बाद पुलिसकर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर ने गुस्से में चिल्लाते हुए कहा- "इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा... ये गोरखपुर पुलिस है।"
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों के धरने के दौरान एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में यूपी पुलिस के एक दरोगा छात्रों को सख्त लहजे में चेतावनी देते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में दरोगा कह रहे हैं कि, "इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा... ये गोरखपुर पुलिस है।" यह घटना 8 सितंबर की दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच हुई थी।
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दरअसल, गोरखपुर में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में अनशन कर रहे निष्कासित छात्रों और पुलिस के बीच बुधवार को तनाव चरम पर पहुंच गया। अतरिक्त नियंता डॉ. वेद प्रकाश राय को अनशनकारियों की ओर से दौड़ा लिए जाने के बाद मामला और गरमा गया।
परिसर में लगातार दो घटनाओं के बाद पुलिसकर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस के इकबाल को चुनौती देने वाली घटनाओं से नाराज पुलिसकर्मियों और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। देखते ही देखते स्थिति इतनी गरम हो गई कि पुलिस की ओर से भाषाई मर्यादा भी टूटती नजर आई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर ने गुस्से में चिल्लाते हुए कहा- "इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा... ये गोरखपुर पुलिस है।" इसके साथ ही उन्होंने अतिरिक्त फोर्स बुलाने के निर्देश दिए। पुलिसकर्मियों के तेवर तल्ख होने के बाद प्रशासनिक भवन के आसपास तनाव और बढ़ गया।
छात्रों के अनशन और धरने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस पहले से ही सतर्क थी। मंगलवार को प्रशासनिक भवन के गेट पर ताला लगाने की घटना के बाद पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी थी। बुधवार को भी छात्रों की गतिविधियों से स्थिति बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों का धैर्य जवाब देता दिखा।
यह था मामला
दरअसल, विश्वविद्यालय में छात्र अपनी समस्याओं और कथित अनियमितताओं को लेकर अनशन और धरने पर थे। छात्र नेताओं का धरना 25 अगस्त से प्रशासनिक भवन के सामने जारी था। यह धरना पांच सितंबर से भूख हड़ताल में तब्दील हो गया। छात्र नेता सतीश प्रजापति और उज्ज्वल सिंह ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी थीं।
उनका कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन जब तक उनकी समस्याओं और मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आठ सितंबर को एडिशनल प्रॉक्टर वेद प्रकाश राय भूख हड़ताल खत्म कराने पहुंचे। वे छात्रों से बातचीत करने के लिए प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर आए थे।
उनके साथ पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे। छात्रों को प्रशासनिक भवन परिसर से हटाने की कोशिश की गई। छात्रों ने प्रॉक्टर के सामने अपनी मांगें रखीं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसी दौरान छात्रों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
छात्रों का धरना और प्रशासनिक कार्रवाई
धरने पर बैठे छात्र प्रशासन की कार्रवाई से नाराज हो गए। भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेताओं का गुस्सा भी बढ़ गया। उनके समर्थन में बैठे दूसरे छात्रों ने भी विरोध किया। देखते ही देखते वहां बहस और नोकझोंक की स्थिति बन गई। इस दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। माहौल ऐसा बना कि एडिशनल प्रॉक्टर को वहां से निकलना पड़ा। पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी उन्हें छात्रों के बीच से निकालकर बाहर ले गए।
पुलिस और गार्ड ने किसी तरह प्रॉक्टर को प्रशासनिक भवन परिसर से बाहर निकाला। उन्हें उनके कार्यालय तक सुरक्षित पहुंचाया गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। देखते ही देखते स्थिति इतनी गरम हो गई कि पुलिस की ओर से भाषाई मर्यादा भी टूटती नजर आई।
इसी हंगामे के बीच पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। एक दरोगा का वीडियो रिकॉर्ड हो गया, जिसमें वह छात्रों को धमकाते सुनाई देते हैं। दरोगा ने कहा, "इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा... जान नहीं रहे हो, ये गोरखपुर पुलिस है।"
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर ने अतिरिक्त फोर्स बुलाने के निर्देश दिए। पुलिसकर्मियों के तेवर तल्ख होने के बाद प्रशासनिक भवन के आसपास तनाव और बढ़ गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।