कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के पास सोशल साइंस और साइंस की उत्कृष्ट फैकल्टी है। खास कर साइंस फैकल्टी का बेहतर साइंटिफिक कॉन्ट्रिब्यूशन है। क्यूएस वर्ल्ड ने डेटा थॉमसन रायटर से हासिल किया है, जो कि साइंस के इंपैक्ट फैक्टर को कैलकुलेट करने वाली ख्यातिलब्ध संस्था है। प्रति व्यक्ति गुणवत्तापूर्ण पब्लिकेशन निकालने के मामले में विवि को 11.5 प्रतिशत अंक मिले हैं जो किसी अन्य विश्वविद्यालयों की अपेक्षा बेहतर है।
बैठक में कला अधिष्ठाता प्रो. नंदिता सिंह और अधिष्ठाता विज्ञान प्रो शांतनु रस्तोगी, विभागाध्यक्ष प्रो. वीना बी कुशवाहा, प्रो. सुधा यादव, प्रो. मुरली मनोहर पाठक, प्रो विनय पांडेय ने कहा कि विवि की तरफ से नैक मूल्यांकन और एनआईआरएफ रैंकिंग की टॉप 50 में आने को लेकर जो प्रयास किया जा रहा, उसे अब और गति मिलेगी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि विवि परिवार से जुड़े हर सदस्य के लिए ये गौरवान्वित करने वाला पल है।
विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रतिष्ठा, नेशनल और इंटरनेशनल पब्लिकेशन की गुणवत्ता, उद्धरण (साईटेशन) और जर्नल इंपैक्ट फैक्टर आदि की कसौटी पर रिसर्च आउटपुट में हाई ग्रेड में मिला है।
नैक मूल्यांकन और एनआईआरएफ रैंकिंग अगला लक्ष्य
कुलपति ने कहा कि क्यूएस रैंकिंग में 96वीं रैंक मिलने से उत्साह बढ़ा है। अब विश्वविद्यालय की ओर से नैक मूल्यांकन में ए ग्रेड और एनआईआरएफ रैंकिंग में टॉप 50 के लक्ष्य को हासिल करने पर पूरा फोकस होगा। इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।