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गोरखपुर विश्वविद्यालय मारपीट मामला: एबीवीपी के 26 कार्यकर्ताओं को नोटिस, तीन दिन में देना होगा जवाब

Sat, 12 Aug 2023 11:47 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

गोविवि प्रशासन ने जारी नोटिस में लिखा है, 21 जुलाई को कुलपति प्रो. राजेश सिंह और कुलसचिव प्रो. अजय सिंह से मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किया गया। विवि की संपत्ति को भी क्षति पहुंचा है। इसे लेकर कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर विश्वविद्यालय में 21 जुलाई को हुए बवाल के मामले में एबीवीपी के कुल 26 कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजा गया है। उनसे तीन दिन में यानी 14 अगस्त तक जवाब मांगा गया है। उन्हें नियंता कार्यालय पर पहुंचकर जवाब देना होगा।

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शुक्रवार की शाम को सभी नोटिस एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को व्हाट्सएप, ईमेल और स्पीड पोस्ट से भेजा गया है। नोटिस मिलने के बाद एबीवीपी के कई पदाधिकारियों और कार्यकताओं ने इसे अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाया है। नोटिस पाने वाले कार्यकर्ताओं ने इसकी पुष्टि भी की है। यह नोटिस जांच समिति के सचिव (उप कुलसचिव प्रशासन) द्वारा जारी की गई है।

गोविवि प्रशासन ने जारी नोटिस में लिखा है, 21 जुलाई को कुलपति प्रो. राजेश सिंह और कुलसचिव प्रो. अजय सिंह से मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किया गया। विवि की संपत्ति को भी क्षति पहुंचा है। इसे लेकर कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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इन आठ बिंदुओं पर मांगा है जवाब

विवि ने सभी से कुल आठ बिंदुओं पर जवाब मांगा है। कहा है कि विद्यार्थी के रूप में प्राप्त सभी अधिकारों से प्रतिबंधित कर दिया गया है। न्यायिक अभिरक्षा में रहने के दौरान विश्वविद्यालय के कौन-कौन शिक्षक-कर्मचारी जेल में मिले। विश्वविद्यालय द्वारा दर्ज एफआईआर में जमानतदार कौन है? क्या आप पूर्व में भी विवि या कॉलेज में आपराधिक कृत्य करते हए पाए गए हैं? क्या आप पूर्व में विश्वविद्यालय या महाविद्यालय से निष्कासित किए गए हैं या किसी प्रकार का दंड मिला है? इस प्रकरण के अलावा किसी अन्य प्रकरण में आपके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज हुई है?

मौखिक बयान के लिए उपस्थित होने का निर्देश
इस प्रकरण में सभी एबीवीपी कार्यकर्ताओं से 14 अगस्त तक नियंता कार्यालय में लिखित बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है। इसके अलावा यदि जांच अधिकारी के समक्ष मौखिक बयान देना चाहते हैं तो 14 को निर्धारित समय पर पहुंचें।
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