गोरखपुर विश्वविद्यालय में कंप्यूटर खरीद में गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट कुलपति के पास बंद लिफाफे में है। इसे तीन-चार दिन में होने वाली राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) की बैठक में खोला जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
विश्वविद्यालय में 331 कंप्यूटरों की खरीद के लिए दो बार टेंडर निकाले गए थे। पहली बार अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी जेम पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया बंद नहीं हुई और दो फर्मों ने टेंडर डाल दिया। बाद में मामला पकड़ में आया तो उसे निरस्त कर दोबारा टेंडर निकाला गया। इसी बीच लॉकडाउन हो गया।
जब प्रशासनिक भवन खुला तो कार्रवाई शुरू हुई, जिसमें दोनों टेंडर पोर्टल पर मौजूद थे। पहले निरस्त टेंडर को हटाया नहीं गया। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक्यूआईसी के अध्यक्ष की अगुवाई में चार सदस्यीय जांच समिति आठ जून को बना दी। समिति ने 10 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी।