परसीपुर रेलवे स्टेशन के होम सिग्नल (जमुवा) के पास मंगलवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया। शाम को अचानक तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के दौरान शीशम का पेड़ हाईटेंशन तार को तोड़ते हुए ट्रेन की बोगी पर जा गिरा। पेड़ गिरने के दौरान विद्युत तार पर हुई स्पार्किंग से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद करीब एक घंटे से अधिक समय तक सारनाथ एक्सप्रेस समेत आधा दर्जन ट्रेनों का परिचालन जगह-जगह बाधित रहा। स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेन परिचालन सुचारू हुआ।
दुर्ग से छपरा जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस मंगलवार की शाम 4:20 बजे परसीपुर स्टेशन क्रॉस कर आगे बढ़ी। इस बीच अचानक मौसम का मिजाज बदला और आंधी चलने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक होम सिग्नल (जमुवा) के पास ट्रेन जैसे ही दो नम्बर से एक नम्बर रेलवे ट्रैक पर जाने लगी। इसी बीच ट्रैक नम्बर दो किनारे लगा शीशम का पेड़ जड़ से उखड़ गया। पेड़ उखड़कर ट्रैक नम्बर एक के ऊपर से गुजरे तार को तोड़ते हुए दो नम्बर पर गुजर रही सारनाथ के बोगी तक पहुंच गई। जिससे तार टूट गया और शार्टशर्किट से चिंगारी उठने लगी। इस बीच ट्रेन चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा कर ट्रेन को रोक दिया।
इस बीच हाईटेंशन तार से निकल रही चिंगारी को देख यात्रियों में आग की अफवाह से अफरा-तफरी मच गई। स्टेशन मास्टर प्रवेश कुमार सिंह ने तत्काल इसकी सूचना आला अफसरों को दी। सूचना पाकर वाराणसी व जंघई से ओएचसी, पीआरडी और ऑपरेटिव विभाग मौके पर पहुंच गया। मौके पर पहुंची टीम ने न केवल टूटे तार को ठीक करने में लग गई, बल्कि पेड़ को भी काटने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया। घटना के बाद दोनों लाइनों पर ट्रेनों का संचालन ठप हो गया।
परसीपुर स्टेशन पर सारनाथ डाउन कपसेठी स्टेशन पर हावड़ा से अमृतसर जाने वाली वजाब मेल भदोही में मालगाड़ी सहित विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों को रोक दी गई। मौके से सारनाथ एक्सप्रेस 5:30 बजे रवाना किया गया। इसके बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक बड़ा हादसा टल गया। अगर शार्टशर्किट से आग लग गई होती तो एक बड़ी घटना हो सकती थी। स्टेशन मास्टर प्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। आंधी के कारण तार से होते हुए पेड़ ट्रेन की बोगी पर भी गिर गया। जिससे कुछ देर के लिए ट्रेन परिचालन बाधित हुई।
ट्रेन से उतर कर खेतों में भागने लगे यात्री
परसीपुर रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गयी। तार पर पेड़ गिरने से उठी चिंगारी के कारण सारनाथ ट्रेन में बैठे यात्री घबरा गए। इस दौरान एसी कोच तक के शीशे खोलकर यात्री बाहर देखने लगे, जबकि कुछ यात्री ट्रेन से उतरकर खेतों की ओर भागने लगे। हालांकि जब उन्हें अहसास हुआ कि सब कुछ ठीक है तो वो ट्रेन की तरफ लौट आये।
फाटक गिरने से घंटों पर फंसे रहे यात्री
मंगलवार को आंधी से ट्रेन पर गिरे पेड़ के कारण सड़क पर चलने वाले राहगीर भी परेशान दिखे। सारनाथ ट्रेन की बोगी परसीपुर रेलवे फाटक के बीच में होने के कारण फाटक भी एक घण्टे से अधिक समय तक बन्द रहा। जिससे चौरी महराजगंज मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। शादी-विवाह का सीजन होने के कारण सड़क पर इन दिनों भीड़ भाड़ अधिक बढ़ी हुई है। फाटक बंद होने से छोटे वाहन तो शार्ट कट का रास्ता अपनाते दिखे, जबकि बड़े वाहन घण्टे भर से अधिक सड़क पर ही खड़े रहे।