आग की भयावहता को देखते हुए प्रशासन की ओर से पांच एंबुलेंस को मौके पर बुला लिया गया था। सभी वहां पर एहतियातन खड़ी थीं। उधर, जिला अस्पताल में दस बेड को भी सुरक्षित कर दिया गया था, ताकि अगर कोई आग की चपेट में आए तो उसकी जान को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर बचाया जा सके। हालांकि, इसकी नौबत नहीं आई।
रात भर सड़क पर करते रहे सामान की सुरक्षा
आग लगने के बाद पास में ही स्थित नीरज श्रीवास्तव व विक्रम ने आनन फानन अपने मकान को खाली कर दिया। आनन-फानन सिलिंडर को बाहर किया गया। इसके बाद फिर जरूरी सामान को बाहर कर दिया गया, ताकि आग से बचाया जा सके। वहीं, बगल के दुकानदारों ने आग से अपने सामान को बचाने के लिए भी तत्काल दुकान को खाली करके सड़क पर ही अपने सामान को रख दिया। रातभर वहां पर उनके घरवाले अपनी सामानों की सुरक्षा में लगे रहे।
भालोटिया मार्केट तक पहुंचने लगी थी आग
आग भालोटिया मार्केट तक पहुंचने लगी थी। यह देखते ही एसपी सिटी कृष्ण कुमार अपनी टीम के साथ वहां पर पहुंच गए। इसके बाद चाय की दुकानों पर रखे गए सिलिंडर को वहां से हटा दिया गया और उस ओर से दमकल की दो गाड़ियों को लगाकर आग पर काबू पाया जा सका।
तीन साल पहले होटल शिवाय में आग लगी थी और अफरातफरी मच गई थी। हालांकि, फायर की गाड़ियों ने आग को होटल के बाहर तक नहीं आने दिया था और वहीं पर बुझा लिया गया था।
लगा की ब्लास्ट हो गया
हम अपने घर में थे, लगा कि विस्फोट हो गया। बाहर आकर देखे तो आसमान भी लाल हो गया। बाद में आकर देखे तो आग लग गया था।-राजेश, स्थानीय निवासी
बहुत तेज आवाज आई
बहुत तेज आवाज आई तो हमल लोग घबरा गए। ऐसा लगा कि कोई विस्फोट हो गया। तब आग इतनी तेज नहीं थी। लेकिन, देखते ही देखते आग भयावह हो गई।
टाउनहॉल पर हुए घाटना बहुत दुखद है। साथ ही भालोटिया मार्केट तक आग चाय की दुकान तक पहुंच गया था, जहां दो भरे सिलिंडर भी थे। पर संगठन के साथ ही एसपी सिटी ,इंस्पेक्टर कैंट और फायर विभाग को अवगत कराते ही विभाग कि तत्परता से दमकल ने आग को काबू में कर लिया, जिसके लिए संगठन आभारी है।-आलोक चौरसिया ,महामंत्री दवा विक्रेता समिति
सरकार से मदद दिलाने की करेंगे कोशिश
दुकानदरों का काफी नुकसान हुआ है। सरकार को मदद करना चाहिए। सरकारी मदद के लिए जिस स्तर तक संघर्ष की जरूरत होगी, किया जाएगा। मैं दुकानदारों के साथ हूं।-सुधीर झा, अध्यक्ष, पटरी व्यापारी संघ