आग लगने के बाद बहुत तेजी से बढ़ती चली गई। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि कई दुकानों में सिर्फ फर्नीचर के सामान थे। ऐसे में लकड़ी और प्लाई ने तेजी से आग पकड़ी। यही वजह है कि फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां समय से पहुंचने के बावजूद, दुकानों को आग से बचाया नहीं जा सका।
मानसिक दिव्यांग ने दी आग की सूचना
पुलिस वाले चौराहे पर ड्यूटी कर रहे थे, अचानक जब विस्फोट हुआ तो चाय की दुकान पर मौजूद सभी अपनी जान बचाने को भागे लगने। वहां पर एक मानसिक दिव्यांग भी काफी दिनों से रहता है। पुलिस के मुताबिक, वहीं सबसे पहले दौड़ाकर आया और बताया कि आग लग गई है। उसकी बातों पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन तब तक अफरातफरी मच गई थी।