शहर में डिजिटल अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस का हुलिया धारण कर जालसाज वीडियो कॉल पर धमकी देकर रुपये वसूल रहे हैं। लोग डरकर जालसाजों के चंगुल में फंस रहे हैं। साइबर अपराध थाने की पुलिस का कहना है कि लोगों को वीडियो कॉल रिसीव करते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।
+92 से शुरू होने वाले नंबरों से आने वाली कॉल कतई रिसीव नहीं करनी चाहिए। ये पाकिस्तान से आने वाले नंबर का कोड है। डिजिटल अरेस्ट के मामले में ऐसे ही नंबरों के इस्तेमाल हो रहे हैं।
अभी हाल ही में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में पढ़ने वाली छात्रा को डिजिटल अरेस्ट कर जालसाजों ने 38 हजार 132 रुपये ले लिए। इसी तरह कई मामले और भी यहां डिजिटल अरेस्ट के आ चुके हैं।
डर गई थी छात्रा, इसलिए फंस गई
एमएमएमयूटी की छात्रा के साथ 10 अक्तूबर को कॉल आई थी। छात्रा ने बताया कि कॉल करने वाले कई ऐसी चीजें भी बताई, जो सही थीं, जिसे केवल मैं जानती थी। उन बातों की जानकारी न जाने कैसे जालसाजों को भी हो गई। वर्दी पहनकर सामने वही बातें कोई पुलिस कर्मी बोलने लगा तो मैं डर गई। डरकर उसके जाल में फंस गई। उसने बोला कि हैदराबाद में केस दर्ज हो गया है। तब मुझे अपने भविष्य की चिंता होने लगी।