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गोरखपुर रोडवेज पड़ताल: फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं नहीं, अग्नि शमन यंत्र भी नदारद

Tue, 07 Feb 2023 01:02 PM IST
vivek shukla अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर।

सार

गोरखपुर डिपो के रेलवे बस स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को टोटा है। जर्जर भवन में चल रहे बस स्टेशन पर पुरुष यात्रियों के शौचालन की व्यवस्था तक नहीं है। शुद्ध पेयजल भी यात्रियों के बस स्टेशन पर नहीं मिल रहा है। यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त सीट भी नहीं है इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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गोरखपुर रोडवेज बस। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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परिवहन निगम के जिम्मेदारों को यात्रियों के सुरक्षा की परवाह नहीं है, रोडवेज बसों के फर्स्ट एड बॉक्स में न तो दवाएं हैं और न ही अग्निशमन यंत्र। सुझाव पेटिका में पत्र की जगह रद्दी भरे हुए थे। सीटें फटी थी, जिसपर बैठ यात्री सफर करने को मजबूर नजर आए।

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सोमवार को संवाददाता ने रेलवे बस स्टेशन की पड़ताल की तो यात्रियों को सुरक्षा देने का दावा करने वाले परिवहन निगम की पोल खुलती नजर आई। गोरखपुर से दिल्ली रूट की आठ बसों की पड़ताल में किसी भी बस में अग्निशमन यंत्र नहीं मिला। इसके अलावा अधिकतर बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं थे। जिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स थे वह भी खाली थे। उनमें दवाओं की जगह में धूल की मोटी परत जमी हुई थी।

गोरखपुर डिपो की यूपी 78 एफएम बस में फर्स्ट एड बॉक्स खुला पड़ा था और उसमें किसी भी तरह की दवाई नहीं थी, बगल में लगी सुझाव पेटिका में रद्दी भरा था, साथ ही इसमें अग्निशमन यंत्र भी नहीं था। इसी तरह गोरखपुर से दिल्ली रूट की यूपी 53 सीटी 3406, यूपी 53 बीटी 4606, यूपी 77 एएन 3041 और यूपी 53 सीटी 3209 आदि बसों में भी यात्री सुरक्षा के संबंधित किसी भी तरह के उपकरण पड़ताल में नदारद दिखे। जबकि रोडवेज ने सोमवार से ही यात्री किरायों में बढ़ोत्तरी कर उनकी जेब ढीली की है।
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यात्रियों की जा सकती है जान

रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स इसलिए लगाए जाते हैं कि यात्रियों को किसी भी तरह की स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कत होने पर उसे प्राथमिक उपचार बस में ही मिल जाए और उसे गंभीर होने से पहले अस्पताल पहुंचाया जा सके लेकिन गोरखपुर डिपो की अधिकांश बसों में फर्स्ट एड बॉक्स गायब हैं। ऐसे में यदि कोई हादसा होता है तो बस में बैठे यात्रियों को प्राथमिक उपचार मिलना मुश्किल है। ऐसे में उनकी जान तक जा सकती है।

बस स्टेशन पर भी नहीं है मूलभूत सुविधा
गोरखपुर डिपो के रेलवे बस स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को टोटा है। जर्जर भवन में चल रहे बस स्टेशन पर पुरुष यात्रियों के शौचालन की व्यवस्था तक नहीं है। शुद्ध पेयजल भी यात्रियों के बस स्टेशन पर नहीं मिल रहा है। यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त सीट भी नहीं है इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

रोडवेज की बसों में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं। बसों में लगे फर्स्ट एड बॉक्स में अगर दवाइयां नहीं हैं तो उनमें दवाइयां रखवा दी जाएंगी।-धनजी राम, सेवा प्रबंधन परिवहन निगम गोरखपुर परिक्षेत्र।
रोडवेज बसें जब मानक पर पूरी तरह से खरी होती हैं तभी उनका फिटनेस किया जाता है। किसी भी तरह की कमी मिलने का फिटनेस नहीं किया जाता है।-राघव कुशवाहा, आरआई संभागीय परिवहन कार्यालय।
रोडवेज प्रशासन की ओर से बस में किसी भी तरह की सुविधा नहीं मिलती हैं। साधन नहीं मिलने पर मजबूरी में हमें बस की यात्रा करनी पड़ती है।-अतुल, यात्री
रोडवेज सिर्फ बस का किराया बढ़ाता है, सुविधाओं के बढ़ाने का काम नहीं करता है। मजबूरी में हमें रोडवेज की जर्जर बसों में सफर करना पड़ता है।-रामप्रीत, यात्री

रोडवेज की खबर में जोड़

स्थान         किमी        वर्तमान किराया     नया किराया
दिल्ली        813           970                      1056
लखनऊ      310            367                      403
कानपुर       400           468                       520
अयोध्या      138           135                      169
शाहजहांपुर    464           533                      603
बरेली         551          625                       716
मुरादाबाद      649          747                       843
गाजियाबाद    800          916                     1040
आजमगढ़     116          133                    150
वाराणसी      216          282                      280
प्रयागराज     288          323                        374
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