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यूपी: 'कल साथ खाना खाया था, आज हमेशा के लिए छोड़ गया', जयदीप ने रोते हुए कही ये बात

Mon, 14 Sep 2026 04:22 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गोरखपुर के पिपराइच इलाके के नैयापार बुजुर्ग गांव में शनिवार सुबह स्कूल बस में चढ़ते समय हिमांशु निषाद (5) नीचे गिर गया और पिछले पहिए से सिर कुचलने से उसकी मौत हो गई। 
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मृतक बच्चे के दुखी परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के नैयापार बुजुर्ग गांव में शनिवार सुबह स्कूल बस की चपेट में आकर पांच वर्षीय हिमांशु की मौत के बाद रविवार को भी गांव में मातम पसरा रहा। अंतिम संस्कार के दौरान दादा स्वामीनाथ पोते को याद कर फूट-फूटकर रोते रहे। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह हिमांशु उनके साथ खेल रहा था। कुछ देर बाद उसने कहा कि अब वह स्कूल जा रहा है। इसके थोड़ी देर बाद ही उसकी मौत की खबर आ गई।
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इतना कहते ही वह आगे कुछ नहीं बोल सके। हिमांशु के पिता हरिकेश और उनके बड़े भाई जालंधर व मुंबई में पेंट-पॉलिश का काम करते हैं। घटना की सूचना मिलने पर दोनों गाड़ी से गांव के लिए रवाना हो गए हैं। हिमांशु के बड़े भाई जयदीप ने बताया कि वह उसके साथ स्कूल जाने वाला था। 

रास्ते में हिमांशु ने उसका हाथ छुड़ाया और बस में चढ़ने के लिए आगे बढ़ गया। कुछ ही पल बाद हादसा हो गया। जयदीप ने रोते हुए कहा, कल ही दोनों भाइयों ने साथ बैठकर खाना खाया था, लेकिन आज वह हमेशा के लिए छोड़कर चला गया। उसकी बहन जान्हवी भी सदमे में है और ठीक से बोल नहीं पा रही है।
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मासूम की दादी ने बताया कि वह खुद हिमांशु को स्कूल बस तक छोड़ने गई थीं। उनका हाथ पकड़े वह बस की ओर गया था। फिर हाथ छुड़ाकर आगे बढ़ा और देखते ही देखते हादसा हो गया। उन्होंने कहा कि आंखों के सामने पोते को खोने का दर्द शब्दों में नहीं बताया जा सकता। परिवार में हरिकेश के बड़े भाई के बच्चे जान्हवी और जयदीप हैं। हरिकेश की बेटी हिमांशी है। परिवार के बच्चों की पढ़ाई इसी स्कूल में होती है। हिमांशु के नहीं रहने से घर की चहल-पहल भी थम गई है।

मां सीमा निषाद का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने घटना में शामिल लोगों की जल्द गिरफ्तारी और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही सरकार से परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। बेटे को याद करते हुए वह कहती रहीं कि अब उसके बिना जिंदगी कैसे कटेगी। इसके बाद वह भावुक होकर बेसुध हो गईं।

‘बाबू’ के नाम से मासूम को पुकारती थीं पड़ोसी
पड़ोस की रहने वाली सवारी देवी और पिंकी देवी ने बताया कि हिमांशु मिलनसार बच्चा था। वे उसे प्यार से ‘बाबू’ और ‘छोटका बाबू’ कहती थीं। वह आसपास के बच्चों के साथ खेलता रहता था। उसके आने से मोहल्ले में रौनक रहती थी। दोनों ने कहा कि मासूम की मौत से पूरा मोहल्ला स्तब्ध है।

 

परिचालक होता तो शायद टल जाता हादसा
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संतोष सिंह ने कहा कि घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। बस में चालक के साथ परिचालक मौजूद होता तो शायद हादसा टल सकता था। उन्होंने जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मुआवजा और परिवार के भविष्य के लिए सहायता की मांग की।

परिजन से मिले जनप्रतिनिधि
सपा नेता अमरेंद्र निषाद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। उन्होंने हरसंभव मदद और प्रशासन से बातचीत कर सख्त कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह ने भी परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और अपनी ओर से आर्थिक सहायता दी। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से भी मदद दिलाने का भरोसा दिया। विधायक ने कहा कि मामले में जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई कराई जाएगी।

यह था मामला
पिपराइच इलाके के नैयापार बुजुर्ग गांव में शनिवार सुबह स्कूल बस में चढ़ते समय हिमांशु निषाद (5) नीचे गिर गया और पिछले पहिए से सिर कुचलने से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद चालक मनोज कुमार बस छोड़कर भाग गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बस को घेरकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा देकर ग्रामीणों को शांत कराया।

 
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हिमांशु सुबह करीब 8:30 बजे गांव के मंदिर के पास स्कूल बस का इंतजार कर रहा था। आराजी चौरी चिलबिलवा स्थित एसडी पब्लिक स्कूल की बस बच्चों को लेने पहुंची। हिमांशु बस में चढ़ने के लिए आगे बढ़ा तभी असंतुलित होकर नीचे गिर गया। इसी दौरान बस आगे बढ़ गई और उसका पिछला पहिया हिमांशु के सिर पर चढ़ गया।
 
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