गोरखपुर के पिपराइच के नैयापार बुजुर्ग गांव में शनिवार को एक स्कूल बस ने पांच साल के मासूम को कुचल दिया। मासूम बच्चे के सिर की हड्डियां चकानचूर हो गईं। शिक्षिका के व्यवहार और बिगड़े बोल से आक्रोश बढ़ गया था।
गोरखपुर के पिपराइच के नैयापार बुजुर्ग गांव में शनिवार को स्कूल बस से कुचलकर पांच वर्षीय हिमांशु की मौत के मामले में पुलिस ने बस में मौजूद शिक्षिका रानी मिश्रा का रविवार को शांतिभंग में चालान कर दिया। बाद में उसे जमानत मिल गई।
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वहीं, हादसे के बाद मौके से भागे बस चालक मनोज कुमार की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सोमवार को स्कूल प्रबंधन से पूछताछ की तैयारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय बस में कितने बच्चे और कर्मचारी मौजूद थे और सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा था।
एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि बस चालक की तलाश की जा रही है। बस में मौजूद शिक्षिका को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसका शांतिभंग में चालान किया गया है। स्कूल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पूछताछ के दौरान बस संचालन और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जाएगी।
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उधर, पोस्टमार्टम के बाद परिजन ने पिता के आने से पहले ही मासूम का शव जमीन में दफना दिया। गांव में दूसरे दिन भी मातम का माहौल रहा। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे का असर स्कूल बस से आने-जाने वाले दूसरे बच्चों पर भी दिख रहा है। कई बच्चे बस देखते ही सहम जा रहे हैं। अभिभावक भी चिंतित हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर की हड्डियां चकनाचूर
स्कूल बस की चपेट में आए पांच वर्षीय मासूम का शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके सिर की हड्डियां चकनाचूर होने की बात सामने आई है।
डॉक्टरों के मुताबिक, बस का पिछला पहिया मासूम के सिर के ऊपर से गुजरने की वजह से हड्डियों में गंभीर चोट आई और वे चकनाचूर हो गईं। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया।
शिक्षिका के बिगड़े बोल से चार घंटे तक चला था प्रदर्शन
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर करीब चार घंटे तक प्रदर्शन किया था। बस में मौजूद शिक्षिका को भी लोगों ने जाने नहीं दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, शिक्षिका के व्यवहार और बिगड़े बोल से आक्रोश बढ़ गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षिका ने बच्चे की मौत के बाद बच्चा फिर पैदा हो जाएगा। ऐसी टिप्पणी की थी। पुलिस के पहुंचने पर भी लोगों ने बस को घेरे रखा। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने के साथ उनकी मांगें सुनीं और कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और शिक्षिका को पुलिस अपने साथ ले गई थी।
यह था मामला
पिपराइच इलाके के नैयापार बुजुर्ग गांव में शनिवार सुबह स्कूल बस में चढ़ते समय हिमांशु निषाद (5) नीचे गिर गया और पिछले पहिए से सिर कुचलने से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद चालक मनोज कुमार बस छोड़कर भाग गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बस को घेरकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
हिमांशु सुबह करीब 8:30 बजे गांव के मंदिर के पास स्कूल बस का इंतजार कर रहा था। आराजी चौरी चिलबिलवा स्थित एसडी पब्लिक स्कूल की बस बच्चों को लेने पहुंची। हिमांशु बस में चढ़ने के लिए आगे बढ़ा तभी असंतुलित होकर नीचे गिर गया। इसी दौरान बस आगे बढ़ गई और उसका पिछला पहिया हिमांशु के सिर पर चढ़ गया।