फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर राप्ती कांप्लेक्स: नमूने लेने गई बीआईएस टीम पर भड़के सराफ, किया घेराव

Sat, 29 Jul 2023 03:25 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।

सार

रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में पिछले चार महीने पहले एक जालसाज पकड़ा गया था। तीन हजार रुपये में पुलिस की वर्दी खरीद उसे पहनकर नौका विहार पर दुकानदारों से वसूली करता था। आरोपी जेब में पुलिस की आईडी कार्ड भी रखता था। 19 मार्च को शाहपुर इलाके में एक युवक पकड़ा गया था।
विज्ञापन
जांच के दौरान मोबाइल से पहचान दिखाने के कोशिश करते कर्मचारी। - फोटो : सोशल मीडिया।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड ( बीआईएस) के आभूषणों का नमूना लेने का तरीका सराफा व्यापारियों को रास नहीं आ रहा है। यही कारण है कि शुक्रवार को राप्ती कांप्लेक्स में बीआईएस टीम को सराफा व्यापारियों ने घेर लिया था। करीब 45 मिनट तक घेराव करने के बाद कर्मचारी के पहचान पत्र की फोटोकॉपी अपने पास रख ली। हॉलमार्क सेंटर पर कर्मचारी का फोटो भेजकर पहले पुष्टि करवाई। पुष्टि होने के बाद दुकानदारों ने आभूषणों का सैंपल कर्मचारी को दिया।

विज्ञापन


व्यापारियों का कहना है कि बीआईएस पहले नमूना लेने वाले कर्मचारियों की प्रमाणित सूची सराफा मंडल को दे, ताकि संगठन से उनकी पहचान कराई जा सके। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें नमूना लिए जाने से कोई दिक्कत नहीं है। परेशानी बस नमूना लेने के तरीके से है। ऐसे तो कोई भी नमूने के नाम पर उनसे जालसाजी कर सकता है।

दरअसल, बीआईएस की तरफ से शहर के प्रमुख बाजारों में आभूषणों का नमूना लिया जा रहा है। शुरुआत हिंदी बाजार से करते हुए अलीनगर, गोलघर, आर्यनगर और राप्तीनगर इलाके में सराफा की दुकानों पर टीम पहुंची थी। हिंदी बाजार के व्यापारियों ने बताया कि जो दुकान पहले से ही बीआईएस पंजीकृत हैं, उन्हीं दुकानों पर जाकर सैंपल मांगा जा रहा था। जबकि गोलघर के व्यापारियों ने बताया कि टीम चुपचाप बैग और गले में पहचान पत्र लटकाकर नमूना लेने आई। अचानक दुकान पर पहुंचकर खुद को बीआईएस कर्मचारी बताकर नमूना लेने की बात कही गई। नमूने के तौर पर डेढ़ से तीन ग्राम तक सोने के दुकड़े को लिया।
विज्ञापन


 

इसके बाद शाम करीब पांच बजे राप्ती कांप्लेक्स पहुंचे। वहां चार दुकानों की लिस्ट कर्मचारी के पास थी। सबसे पहले जिस दुकान पर पहुंचा तो दुकानदार ने विश्वसनीयता पर सवाल उठा दिया। टीम के कर्मचारी ने अपना नाम शमसुल बताया। आसपास के दुकानदार जुट गए और कर्मचारी को घेर लिया। दुकानदारों ने उससे परिचय पत्र मांगा। इसकी फोटो कॉपी अपने पास सुरक्षित रखी। हिंदी बाजार के एक हॉलमार्क सेंटर की दुकान पर पहचान पत्र का फोटो भेजकर पहचान करवाई। इसके बाद आभूषणों का नमूना दिया।

सराफा दुकानदारों ने बताया कि नमूना देने में किसी पंजीकृत दुकानदार को कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन बीआईएस को चाहिए कि जांच करने वाले कर्मचारियों की पहचान पत्र सूचीबद्ध कर सराफा मंडल के पास दे दें। इससे दुकान पर आकर जांच करने वालों की पुष्टि की जा सकती है। क्योंकि नमूने के नाम पर डेढ से तीन ग्राम तक सोने का टुकड़ा लेकर जाते हैं। छह महीने के बाद रिपोर्ट देकर प्रमाणित करते हैं। ऐसे में जांच के नाम पर दुकानदारों का 10 से 20 हजार रुपये छह माह तक फंस जाता है।

 
विज्ञापन

पुलिस की वर्दी में कर चुके हैं लूट की घटना

रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में पिछले चार महीने पहले एक जालसाज पकड़ा गया था। तीन हजार रुपये में पुलिस की वर्दी खरीद उसे पहनकर नौका विहार पर दुकानदारों से वसूली करता था। आरोपी जेब में पुलिस की आईडी कार्ड भी रखता था। 19 मार्च को शाहपुर इलाके में एक युवक पकड़ा गया था। पुलिस की वर्दी पहनकर वह रील बना रहा था। नकली पुलिस को देख असली पुलिस भी हैरत में आ गई। इसके बाद जांच में मामला खुला कि आरोपी, फर्जी पुलिस बनकर धौंस जमाने के साथ वसूली करता था।

बीआईएस संयुक्त निदेशक मोहम्मद रिजवान ने कहा कि सरकारी एजेंसी, कर्मचारी संगठन को अपने कार्रवाई की जानकारी नहीं देती है। यह व्यावहारिक नहीं है। लखनऊ जोन से हालमार्क के लिए सिर्फ दो कर्मचारी ही अधिकृत हैं। एक शमशुल खान और दूसरे आशीष, यही दोनों नमूना लेने जाएंगे। इसके अलावा अगर कोई और जाता है तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग में कर सकते हैं। बीआईएस के जिम्मेदारों का नंबर सभी व्यापारियों के पास होता है। इसके अलावा 0522-2306664 नंबर पर फोन कर भी व्यापारी संबंधित के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें