दो सालों में गोरखपुर जंक्शन की सूरत बदल जाएगी। नए लुक में भवन दिखेगा और आने-जाने का रास्ता अलग होगा। रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए एजेंसी ने डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) फाइनल कर दी है। अब टेंडर जारी करने की तैयारी शुरू हो गई है।
पूर्वोत्तर रेलवे का गोरखपुर जंक्शन अत्याधुनिक बनाने की तैयारी रेलवे प्रशासन ने की है। इसे सिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जो नगर के दोनों हिस्सों को आपस में जोड़ने का काम करेगा। इसके विकसित हो जाने पर रूफ प्लाजा होने के साथ ही फूड कोर्ट, वेटिंग लाउंज, बच्चों के खेलने की जगह के साथ ही स्थानीय उत्पाद के लिए स्थानों की बिक्री की सुविधा दी जाएगी।
इससे मेट्रो सेवा, सिटी बस और अन्य ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा सीधे जंक्शन से जुड़ जाएंगी। स्टेशन पुनर्निर्माण में ग्रीन बिल्डिंग की तकनीकी व दिव्यांग फेंडली सुविधाएं होंगी। आगामी 50 साल को ध्यान में रखते हुए स्टेशन इंटेलीजेंट बिल्डिंग की अवधारणा पर विकसित किए जाएंगे। रेलवे प्रशासन की योजना के अनुसार पटरियों के ऊपर से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया तक रूफ प्लाजा बनेगा।
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इसका दो से तीन फ्लोर बनेगा। पहले तल पर फूड प्लाजा और वेटिंग लाउंज बनेगा। ऊपरी तल पर रिटेल के लिए स्थान, कैफेटेरिया और बच्चों के खेलने का स्थान सुरक्षित किया जाएगा। यात्रियों को स्टेशन परिसर में ही रेस्टोरेंट, मेडिकल और शापिंग कांप्लेक्स आदि उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
खूबसूरत होगा मुख्य द्वार
गोरखपुर जंक्शन का नया भवन ही नहीं उसका मुख्य द्वार भी खूबसूरत होगा। अंग्रेजों के जमाने में बने रेलवे स्टेशन के ऐतिहासिक भवन की डिजाइन में बदलाव नहीं होगा। लेकिन, धार्मिकता और आध्यात्मिकता की पहचान भी नजर आएगी। गोरखनाथ मंदिर और गीता प्रेस सहित अन्य महत्व वाले धार्मिक स्थानों की छाया नजर आएगी। पुर्नविकास के दौरान यात्री सुविधाओं के साथ ही उनकी सुरक्षा का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। अनाधिकृत प्रवेश रोकने के लिए प्रवेश और निकास द्वार को सीमित किया जाएगा। पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरों की जद में होगा।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास योजना के तहत प्रस्तावित मॉडल की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर लिया गया है। इसकी जांच करके स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।
- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ एनईआर।