फर्जी दस्तावेज तैयार कर आईसीआईसीआई बैंक से 4.45 करोड़ रुपये लोन लेने वाले रुद्रांश के नए कारनामे रोज सामने आ रहे हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि जिस भूमि को उसने शशिभूषण बनकर बैनामा किया था उसका दाखिल-खारिज रुकने पर एक माह बाद अपने पिता को दान कर दिया था। इसके कुछ दिन बाद भूमि का दाखिल-खारिज भी हो गया। अब इस मामले में भी केस दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।
गोरखनाथ के राजेंद्रनगर काॅलोनी में रहने वाले शशिभूषण की जंगल नकहा में स्थित 5500 वर्गफीट भूमि को रुद्रांश ने जालसाजी करके बैनामा कर दिया था, लेकिन दस्तावेज में खामी होने पर तहसील से दाखिल-खारिज नहीं हो पाया। अपने साथियों की मदद से इसी भूमि को रुद्रांश ने एक माह बाद अपने पिता को दान करने के साथ ही दाखिल-खारिज भी करा लिया।
दूसरे की भूमि बैनामा करने के मामले में सोमवार को चिलुआताल थाना पुलिस ने रुद्रांश व उसके अज्ञात सहयोगियों के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज किया था। भूमि दान करने के मामले में भी केस दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि जालसाज इस समय जेल में है। उसके सहयोगियों की तलाश चल रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रुद्रांश के पिता पर इनाम घोषित करने की तैयारी
केस दर्ज होने के बाद से ही रुद्रांश के पिता व मां फरार हैं। चालक रियाज को पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। जालसाजी में सहयोग करने वाले आईसीआईसीआई बैंक व तहसील के कर्मचारियों की भूमिका की अभी तक केवल जांच चल रही है। एसपी सिटी ने बताया कि रुद्रांश के पिता पर इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हाे गई है।