150 दरोगाओं का एचआरए कटने से हड़कंप, जांच के आदेश
गोरखपुर। कोरोना महामारी के बीच 150 से ज्यादा ज्यादा दरोगाओं का जुलाई का हाउस अलाउंस नहीं दिया गया है। 4,050 रुपये तक मिलने वाली यह रकम वेतन से कटते ही पुलिस वालों में हड़कंप मच गया है। एसएसपी ने इस प्रकरण में जांच के आदेश दिए हैं। पूछताछ शुरू हुई तो बाबुओं ने एचओबी (हिंदी ऑर्डर बुक) नहीं कराने का हवाला दे दिया। इसको लेकर दरोगाओं में काफी मायूसी है। उनका आरोप है कि जानबूझकर यह रकम काट कर कोरोना काल में आर्थिक चोट पहुंचाई गई है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस लाइंस में सरकारी आवासों की संख्या कम होने के साथ ही ज्यादातर पुलिसवालों का दूसरे जिलों में ट्रांसफर होने के बाद भी पुलिस लाइंस के आवासों पर कब्जा है। ऐसे में पुलिस कर्मियों की एक बड़ी संख्या शहर के अलग-अलग हिस्से में मकान किराए पर लेकर रहती है। इसके लिए उन्हें हाउस अलाउंस दिया जाता है। सब इंस्पेक्टर को 4050 रुपये के करीब हाउस अलाउंस मिलता है। यह रकम उनके किराए के मद में खर्च होती है। आरोप है कि जिले में तैनात करीब 150 से ज्यादा दरोगाओं का जुलाई महीने के वेतन से एचआरए काट लिया गया है। यानी विभाग ने मान लिया है कि ये सभी दरोगा अब किराए के मकान में न रहकर पुलिस विभाग के सरकारी क्वार्टर में रह रहे हैं। उनके यह मानने से ही एक झटके में दारोगाओं को 4050 रुपये की आर्थिक चोट लग गई। 2015 बैच के ज्यादातर सब इंस्पेक्टर का एचआरए काटा गया है।
पुलिस वालों के एचआरए कैसे काट लिए गए, इसकी जांच कराई जाएगी। मेरे संज्ञान में यह मामला अभी तक नहीं आया है। मैं शुक्रवार को इस मामले में बाबुओं से बात करूंगा। बाबुओं की गलती पाई गई तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी