डीआईजी ने बताया कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें जेल से जमानत पर छूटे बदमाश दोबारा वारदात को अंजाम देते पाए गए हैं। पुलिस की नजर भी जल्दी उन पर नहीं पड़ती। गैंग पंजीकृत होने पर उनकी निगरानी में आसानी होगी।
इन थानों ने इतने बदमाशों को भिजवाया जेल
एक अगस्त 2020 से 9 फरवरी 2021 के बीच में कोतवाली थाने से छह, राजघाट से 13, तिवारीपुर से 12, खोराबार से 10, रामगढ़ताल से 8, गोरखनाथ से दो, शाहपुर से 16, कैंपियरगंज से चार, पीपीगंज से 6, सहजनवां से 18, चिलुआताल से चार, झंगहा से 13, पिपराइच से 16, गुलरिहा से 17, बांसगांव से दो, गगहा से तीन, बेलीपार से 15, गोला से 5, बड़हलगंज से 11, उरुवा से चार, बेलघाट से 13, खजनी, सिकरीगंज और हरपुर बुदहट से एक-एक गैंगस्टर के आरोपितों को जेल भेजा गया है।
पार्षद समेत कई नामी बदमाश भी भेजे गए जेल
पार्षद सौरभ विश्वकर्मा, उनके भाई चंदन विश्वकर्मा के साथ ही कई नामी बदमाश भी गैंगस्टर के तहत जेल भेजे गए हैं। शातिर बदमाश त्रिभुवन सिंह, देवेंद्र निषाद, महेंद्र निषाद, रविंद्र निषाद, महिला गैंगस्टर रंभा, देवबथ, राहुल, रूपेश, अजय, राका, अखिलेश यादव, विवेक पांडेय, राजन गुप्ता जैसे कई बड़े नाम हैं, जिन्हें पुलिस ने जेल भिजवाया है।
डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कहा कि गैंगस्टर के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। पिछले छह महीने के भीतर 215 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया गया है। पुलिस वालों को नए गैंग पंजीकृत कर उन पर कार्रवाई का भी आदेश दिया गया है। जल्द ही कई नए गैंग पंजीकृत होंगे और उन पर कार्रवाई भी होगी।