जुमा नमाज को देखते हुए मदीना मस्जिद के सामने लगी पुलिस।
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर दिल्ली में भड़की हिस्सा के बाद से जिले में चौकस हुई पुलिस शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान मस्जिदों के बाहर और चौराहों व सड़कों पर मुस्तैद रही। एसएसपी ने सुबह ही पुलिसकर्मियाें को एहतियात बरतने के निर्देश दे दिए थे। वे लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील के साथ ही माहौल खराब करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की हिदायत भी देते रहे। पूरे दिन सभी एसपी, सीओ, थानेदार और चौकी इंचार्ज संवेदनशील जगहों पर पहुंचे। साइबर सेल भी सोशल मीडिया की निगरानी करता रहा। इस दौरान हर ओर शांति रही।
पिछले दिनों दिल्ली में हुई हिंसा के बाद प्रदेश के साथ ही रेंज के सभी जिलों में पुलिस ने सक्रियता तेज कर दी है। शहर में भी पुलिस ने बृहस्पतिवार से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। सड़कों पर पुलिस तैनात कर दी गई थी। पिछली बार बवाल के दौरान चिह्नित लोगों को चेतावनी दी गई थी। साथ ही नखास में हुए पथराव के बाद चिह्नित साठ आरोपितों की भी निगरानी की जा रही थी।
शुक्रवार को कोतवाली क्षेत्र पूरी तरह से पुलिस की छावनी में तब्दील रहा। जिले में निषेधाज्ञा लागू करने के साथ किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन, सभा करने पर रोक लगा दी गई थी। एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ, सीओ कोतवाली वीपी सिंह फोर्स के साथ संवेदनशील जगह घंटाघर, रेती चौक, नखास, बक्शीपुर, घोष कंपनी, तुर्कमानपुर, इलाहीबाग, जाफरा बाजार में गश्त कर लोगों में सुरक्षा का एहसास कराते रहे।
बीस दिसंबर को शहर में हुआ था बवाल
20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद शहर में भी बवाल हो गया था। बड़ी मस्जिद के पास उग्र लोगों ने उत्पात मचाया था। फिर नखास चौक पर पुलिस से उनकी भिड़ंत हो गई थी। पुलिस को उपद्रवियों को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े थे। इस मामले में 26 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में 13 और नाम बढ़े थे, जिसमें चार की गिरफ्तारी भी की गई थी। अन्य आरोपित अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।