गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में 10 अगस्त को एनईपी पर कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। ‘’राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 : संकल्प, प्रयास और चुनौतियां’’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद् व शोधार्थी जुटेंगे। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
डीडीयू के महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ में रविवार को सुबह 10 बजे इसका शुभारंभ होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी) के उत्तर प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन के लिए इसका आयोजन किया जा रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश के साथ ही दूसरे राज्यों के करीब 15 विश्वविद्यालयों के कुलपति व पूर्व कुलपति भी शामिल होंगे।
डीडीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि एनईपी के लागू हुए पांच साल हो गए हैं। कार्यशाला का उद्देश्य एनईनपी के क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करते हुए सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करना है।
एबीवीपी के पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने बताया कि इसमें सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च एंड गवर्नेंस (सीपीआरजी) के निदेशक रामानंद पांडेय मुख्य वक्ता होंगे। विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति प्रो. केएन सिंह, प्रो. संजय श्रीवास्तव, प्रो. प्रभाशंकर शुक्ल, प्रो. शिशिर पांडेय, प्रो. बिजेंद्र सिंह, प्रो. शोभा गौड़, प्रो. संजीत गुप्ता, प्रो. कविता शाह, प्रो. जेपी सैनी और एमजीयू के कुलसचिव डॉ प्रदीप कुमार राव आदि शामिल होंगे।