सूर्यकुंड धाम, भीम सरोवर, राप्ती तट, मानसरोवर व रामगढ़ताल समेत विभिन्न घाटों पर हुई छठ माता की आराधना
केलवा के पात पर उगेलन सूरुज मल झांपे झूेंपे...आदि छठ भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल
आज उगते सूर्य को सुबह 06:25 बजे होगा महिलाएं देंगी अर्घ्य
छठ घाट पहुंचे सांसद रवि किशन ने की पूजा-अर्चना, दी छठ की बधाई
गोरखपुर। छठ महापर्व के तीसरे दिन सोमवार को निर्जल व्रती महिलाओं ने घाट पर पहुंच कर छठ माता की आराधना की। शाम को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर मंगल कामना की। इस दौरान केलवा के पात पर उगेलन सूरुज मल झांपे झूेंपे...आदि छठ भजनों से माहौल भक्तिमय रहा। घाटों चकाचौंध रोशनी में अलग ही छटा बिखेर रहे थे।
शहर के सूर्यकुंड धाम, भीम सरोवर, राप्ती तट, मानसरोवर व रामगढ़ताल सहित विभिन्न घाटों पर छठ माता की आराधना आस्था भाव के साथ हुई। छठ घाटों पर मेले जैसा माहौल रहा। मंगलवार को उगते सूर्य को सुबह 06:25 बजे अर्घ्य दिया जाएगा।
गोरखनाथ मंदिर के भीम सरोवर पर दोपहर से ही छठ घाट पर मंगल गीत गाते हुए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। सिर पर फलों से भरा डाला लिए व हाथ में कलश लिए महिलाएं छठ घाट पर पहुंचीं। मंगल गीतों के साथ छठ माता की पूजा-अर्चना कर उन्हें विभिन्न फल व ठेकुआ अर्पण किया गया। फूल माला चढ़ाकर व्रतियों ने सूर्य के डूबने के समय का इंतजार किया। इस दौरान छठ गीत गाए जा रहे थे। श्रद्धालु पटाखा जला कर खुशी जाहिर भी कर रहे थे। छठ घाट पर मेले जैसा माहौल रहा।
वहीं राप्ती तट के गुरु गोरक्षनाथ घाट व राम घाट पर माहौल बड़ा ही विहंगम रहा। पहले से ही श्रद्धालु अपना जगह कब्जा करने के लिए पहुंचते रहे। मंगल गीतों के साथ माहौल पूर भक्ति से सराबोर रहा। समाज सेवियों ने लोगों को जलपान भी कराया। मेले जैसा माहौल रहा। वहीं मानसरोवर व रामगढ़ताल में भी श्रद्धालुओं की भीड़ दोपहर से ही उमड़ी रही। इसके साथ ही शहर के लगभग 400 जगहों पर कृत्रिम घाट बना कर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की व डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। जैसे ही सूर्यास्त का समय हुआ व्रती महिलाएं पानी में उतरकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके बाद घर के लिए रवाना हो गईं। बता दें कि मंगलवार सुबह 06:25 बजे उगते हुए सूर्य का अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद छठ महापर्व का समापन पारण के साथ होगा।
सूर्यकुंड धाम में भजनों पर झूमे श्रद्धालु
सूर्यकुंड धाम में सूर्यकुंड धाम विकास समिति की ओर से प्रकृति पर्व के रूप में आयोजित 33वें छठ महोत्सव के तीसरे दिन श्रद्धालुओं एवं व्रतियों के आस्था का सैलाब उमड़ा। व्रतियों ने मिहिर के सुरों पर अस्ताचलगामी छठ माता और सूर्यनारायण की महाआरती के बीच सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। हजारों लोगों ने हाथ उठाकर पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प लिया। इस दौरान चले हस्ताक्षर अभियान में 6300 लोग हस्ताक्षर कर पर्यावरण मित्र बने। गायक मनोज मिहिर ने धमवा बड़ा नीक लागे, हो छठी मैया के दुवरिया लुभावन लागे, आरे अरे मैया छठ मैया हो रउरा अर्जी करत बानी हो, छठी मैया के लाली रे चुनरिया, फोटो सारा भेजिए फलवा मंगवली शहर से, अइसन मनोहर मंगल मूरत आदि गाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। शाम को सरोवर पर जलाए गए 5500 पर्यावरण दीपों से सूर्यकुंड धाम जगमगा उठा।
सदर सांसद ने की छठ माता की आराधना
सदर सांसद रवि किशन शुक्ला शाम को महायोगी गुरु गोरखनाथ मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद महायोगी गुरु गोरखनाथ घाट पर जाकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। सांसद रवि किशन शुक्ला ने कहा कि छठ महापर्व लोक आस्था, तप, संयम और पारिवारिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व प्रकृति, जल और पर्यावरण के प्रति हमारी कृतज्ञता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छठ मैया की कृपा से हर घर में सुख, शांति, समृद्धि और आनंद बना रहे यही कामना है। श्रद्धालुओं ने सांसद के साथ सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करते हुए छठ मैया से मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने घाटों पर सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा के जो इंतजाम किए हैं, वे सराहनीय हैं।
मनोकामना सिद्ध शक्तिपीठ पचपेड़वा में हुई छठ माता की आराधना
माता मातेश्वरी सेवा दरबार नौ देवी मनोकामना सिद्ध शक्तिपीठ पचपेड़वा गोरखनाथ में सोमवार को श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। पचपेड़वा दरबार में छठ पूजन का आरंभ धनतेरस के दिन भूमि पूजन व गंगा माता की आराधना के साथ शुरू हुआ। सोमवार को व्रती महिलाओं का परिवार सहित मंगल गीत गाते हुए पचपेड़वा दरबार आने का सिलसिला शुरू हुआ तो यह लगातार चलता रहा। शाम को अर्घ्य देने के साथ छठ माता की आराधना एवं 1008 दीपों से आरती की गई।