गोरखपुर। राजघाट इलाके के गीता प्रेस स्थित एचडीएफसी बैंक में नकली नोट जमा करने आए प्रियांशु वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भिजवाने के बाद पुलिस ने जाली नोट प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। प्रियांशु वर्मा आभूषण का कारीगर है। इस मामले के तार क्रिकेट की सट्टेबाजी से भी जुड़ रही है। संदेह इसलिए भी है कि बैंक में वह प्रतिदिन आठ से दस लाख रुपये जमा कराता था। पुलिस का मानना है कि सट्टेबाजी के दौरान ही उसे किसी ने जाली नोट दिए हैं। इस आधार पर अब पुलिस क्षेत्र के सट्टेबाजों की तलाश कर रही है। हालांकि पुलिस की जांच पड़ताल में प्रियांशु वर्मा का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है।
एचडीएफसी बैंक की गीता प्रेस शाखा के प्रबंधक दीप नारायण कुमार ने केस दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 6 दिसंबर को ग्राहक शेषपुर निवासी प्रियांशु वर्मा ने डिपॉजिट एटीएम से 75 हजार रुपये जमा कराए। उसी में पांच सौ के छह जाली नोट जमा कराए गए। मामला सामने आने के बाद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और आवश्यक जांच करने का अनुरोध किया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रविवार को आरोपी प्रियांशु वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब क्षेत्र के सट्टेबाजों की तलाश कर रही है।