गोरखपुर। शिवधनी निषाद गोली लगने के बाद घर के सामने ही बैठकर दर्द से तड़प रहे थे और मदद की गुहार लगा रहे थे। इस दौरान बेटा अभिषेक खून से लथपथ पिता को अस्पताल ले जाने के लिए सड़क पर मदद मांग रहा था, लेकिन काफी देर तक कोई नहीं रुका। बिरादरी के घरों पर जाने पर दरवाजे बंद हो जा रहे थे। चिल्ला-चिल्लाकर पिता को अस्पताल पहुंचाने के लिए आने-जाने वालों से मिन्नतें कर रहा था। इसके बाद भी कोई रुक नहीं रहा था। इसी दौरान प्रधान के भाई घर के सामने से बाइक से जा रहे थे। उनका पैर पकड़कर बैठ गया और पिता को दिखाकर उन्हें अस्पताल पहुुंचाने में मदद मांगी। तब उन्होंने हामी भरी।
अभिषेक ने बताया कि प्रधान के भाई सोनू शर्मा की बाइक पर पिता को बीच में बैठाया और खुद पीछे से पकड़कर बैठ गया। पापा बार-बार कह रहे थे कि जल्दी अस्पताल ले चलो, लेकिन रास्ते में ही अचानक उनकी सांस रुक गई। पीएचसी पर पहुंचे तो डॉक्टर ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। इसी तरह मां को भी घरवाले पीएचसी पर लेकर आए, उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवा दिया गया।
पिता की मौत के बाद सिर्फ हो रही राजनीति
शिवधनी के बेटे विकास और अभिषेक निषाद ने बताया कि पिता की मौत के बाद राजनीति हो रही है। कोई मदद के लिए आगे नहीं आ रहा। मां मेडिकल कॉलेज में बेड नंबर चार में भर्ती हैं। घर के दो बच्चे बीमार हैं। हम लोगों का अब दिमाग काम नहीं कर रहा है। आरोपी पक्ष पहुंच वाला है, मामले में उनके घर पर इसलिए ही बुलडोजर नहीं चला। बहन की 13 मई को शादी होनी है, घर का खर्च समेत कई परेशानियां सिर पर आ गई हैं।
परिजनों को सौंपा पांच लाख रुपये का चेक
शिवधनी के बेटे विकास ने बताया कि सोमवार को सीएम से मुलाकात हुई थी, उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश मत्स्य जीवी सहकारी संघ के चेयरमैन वीरू चौधरी के साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी आए थे। उन्होंने पांच लाख रुपये का चेक दिया है। बाकी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया है।