ईद पर सतर्कताः दुर्गाबाड़ी इलाके में स्थित राज फूड प्रोडक्ट्स में होता है सेवईं व टोमैटो सॉस का उत्पादन
निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच करने गई थी टीम
फैक्टरी के गेट पर चस्पा करा दी गई है कार्रवाई की सूचना
गोरखपुर। शहर के दुर्गाबाड़ी इलाके में सेवई व टोमैटो सॉस का उत्पादन करने वाली राज फूड प्रोडक्ट्स फैक्टरी में जांच करने पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के लिए गेट नहीं खोला गया। टीम दो घंटे तक गेट पर इंतजार करके लौट गई। इस पर विभाग की तरफ से फैक्टरी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। सूचना गेट पर चस्पा कर दी गई है। फैक्टरी मालिक को अपने उत्पाद की वीडियोग्राफी समेत सहायक आयुक्त खाद्य के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
फैक्टरी का लाइसेंस तभी निर्गत होगा, जब वह उत्पादन कार्य की निगरानी के लिए वीडियो कैमरा लगा लेंगे। टीम यहां सेवई व टोमैटो सॉस में मिलावट की आशंका पर जांच करने गई थी। खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना मिली थी कि राज फूड प्रोडक्ट्स कंपनी में ईद के लिए बड़े पैमाने पर सेवई बनाई जा रही है। इसमें खराब आटे का प्रयोग हो रहा है। इसके अलावा यहां बनने वाली टोमैटो सॉस में भी सब्जियों की जगह केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम फैक्टरी की जांच को पहुंची। टीम पहुंची तो फैक्टरी का गेट अंदर से बंद था। गेट खटखटाने पर आए कर्मचारी को टीम के आने की जानकारी दी गई तो गेट दोबारा बंद हो गया। इसके बाद करीब दो घंटे तक प्रयास करते रहे, लेकिन गेट नहीं खोला गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि फैक्टरी मालिक से बात की गई तो उसने भी जांच कराने से मना कर दिया। उसने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। काफी प्रयास के बाद भी जब फैक्टरी की तरफ से कोई जिम्मेदार सामने नहीं आया तो विभाग की तरफ से लाइसेंस निलंबित करते हुए गेट पर नोटिस चस्पा कर दिया गया। फैक्टरी मालिक को बन रहे सामान की वीडियोग्रॉफी के साथ सहायक आयुक्त कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
वर्जन
राज फूड प्रोडक्ट्स फैक्टरी में मिलावटी सामान बनाने की शिकायत की जांच करने गई टीम को गेट के बाहर खड़ा रखा गया। गेट नहीं खोला गया, जिससे जांच प्रभावित हुई। यह खाद्य सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन है। इसीलिए फैक्टरी का लाइसेंस निलंबित करते हुए नोटिस उनके गेट पर चस्पा कराया गया है। अब जब मालिक निर्माण की वीडियोग्राफी के साथ उपस्थित होंगे, तभी लाइसेंस जारी होगा। साथ ही फैक्टरी में स्थायी रूप से वीडियो कैमरा लगवाना होगा और सभी खाद्य पदार्थ कैमरे की निगरानी में ही बनाए जाएंगे।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य