चिड़ियाघर के वेटलैंड में पानी घटने का मामला
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गोरखपुर। चिड़ियाघर के वेटलैंड में गर्मी के दिनों में भी पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए उपाय खोजने शुरू हो गए हैं। चिड़ियाघर प्रशासन मार्च बाद इसकी ड्रेजिंग (खोदाई) कराने की योजना बना रहा है। इसके अलावा एक ट्यूबबेल भी लगवाया जाएगा, जिससे कि पानी घटने पर इसे भरा जा सके।
चिड़ियाघर का वेटलैंड रामगढ़ताल से सटा है। इसमें ताल का पानी रिसकर जाता है, जिसके चलते वेटलैंड में अप्रैल तक पर्याप्त पानी रहता है। इससे इसमें जलीव जीवों के अलावा प्रवासी पक्षी भी रुकते हैं। लेकिन इस बार इस वेटलैंड का पानी जनवरी में ही कम हो गया। माना जा रहा है कि रामगढ़ताल में पानी का स्तर नीचे जाने की वजह से ऐसा हुआ है। इसके अलावा वेटलैंड भी छिछला हो रहा है। इसे देखते हुए चिड़ियाघर प्रशासन अब इसकी सफाई व जल प्रबंधन के उपाय करने जा रहा है। जल्द ही इससे संबंधित प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
चिड़ियाघर के उप निदेशक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रवासी पक्षियों के वापस जाने के बाद वेटलैंड की ड्रेजिंग कर नीचे की सिल्ट निकाली जाएगी। इससे पानी ज्यादा समय तक रहेगा। इसके अलावा एक टयूबबेल भी लगाया जाएगा, जिससे कि पानी कम होने पर उसे भरा जा सकेगा।