हवाई जहाज के ब्लैक बॉक्स की तरह करेगा काम, लोको पायलट की बातचीत होगी रिकॉर्ड
इस वित्तीय वर्ष में 372 इंजनों में लगाई जाएगी यह डिवाइस
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के सभी ट्रेनों के इंजन (लोको) में वॉयस रिकॉर्डर सिस्टम लगाए जाएंगे। यह हवाई जहाज में लगे ब्लैक बॉक्स की तरह काम करेगा। लोको पायलट की बातचीत और इंजन में किसी भी तरह की आवाज को रिकॉर्ड कर लेगा। अब तक 12 इंजनों में वॉयस रिकॉर्डर सिस्टम लगा दिए गए हैं। इस वर्ष 372 इंजनों में इसे लगाया जाएगा।
ट्रेन के चलते समय इंजन में लोको पायलट या सहायक लोको पायलट मोबाइल फोन से बातचीत नहीं कर सकते हैं। उन्हें सिर्फ वॉकी-टॉकी से गार्ड और स्टेशन मास्टर से बातचीत करनी है। कई बार सिग्नल ओवरशूट करने के मामले में पाया गया कि लोको पायलट और गार्ड या स्टेशन मास्टर से सही संवाद नहीं हो पाया। इसे देखते हुए अब वॉयस रिकॉर्डर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इससे ट्रेन हादसों का सटीक जानकारी और ट्रेनों के संचालन में मदद मिलेगी।
हवाई जहाज के ब्लैक बॉक्स की तरह वॉयस रिकॉर्डर सिस्टम में माइक्रोफोन सभी तरह के आवाज को रिकॉर्ड कर लेगा। इससे लोको पायलट और सहायक लोको पायलट के बीच हुई बातचीत, सिग्नल कॉल आउट, कासन कॉल के साथ अन्य गतिविधियां रिकॉर्ड हो जाएंगी। इसका उपयोग दुर्घटनाओं की जांच के समय विश्लेषण के लिए किया जाएगा।
पहले सुपरफास्ट ट्रेनों के इंजन में वॉयस रिकॉर्डर सिस्टम लगाने की योजना थी, अब सभी ट्रेनों के इंजन में इसे लगाया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने इस वर्ष तीनों मंडलों लखनऊ में 224, इज्जतनगर में 104 और वाराणसी में 44 वायस रिकॉर्डर लगाने का लक्ष्य रखा है।
वर्जन
ट्रेनों के लोको में वॉयस रिकॉर्डर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में इस वित्तीय वर्ष में 372 लोको में ये सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे दुर्घटनाओं की जांच के समय विश्लेषण करने और ट्रेनों के बेहतर संचलन में मदद मिलेगी।
-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर