ट्रक चालक ने भागकर बचाई जान, सांसद को बुलाने की मांग पर अड़े रहे परिजन, कई थानों की फोर्स तैनात
गीडा। हनुमान चौहान की मौत के बाद मंगलवार शाम नौसड़ चौराहे पर हालात बेकाबू हो गए। हंगामे के दौरान पथराव हुआ तो सड़क किनारे खड़े एक मिनी पुलिस ट्रक में कई पुलिसकर्मी घुस गए। दरवाजा बंद कर अंदर छिप गए। भीड़ लगातार ट्रक पर पत्थर बरसाती रही।
ट्रक चालक ने वाहन स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन इंजन बंद होने के कारण गाड़ी नहीं चली। इस बीच गुस्साई भीड़ ने ट्रक को घेर लिया और उस पर लाठी-डंडे और पत्थर बरसाने लगी। कई ईंट-पत्थर लगने के बाद चालक ने दरवाजा खोलकर भागकर अपनी जान बचाई।
मंगलवार को परिजनों और ग्रामीणों ने शव को खाट पर रखकर सुबह पहले तीन घंटे तक गोरखपुर-वाराणसी हाईवे जाम रखा। फिर शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद शव लाए जाने पर दोबारा हंगामा शुरू हो गया। सांसद रवि किशन को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। अचानक हुए पथराव से पुलिसकर्मी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
यह पूरा वाकया किसी ने मोबाइल में कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जाली लगे ट्रक में फंसे पुलिसकर्मियों ने किसी तरह खुद को बचाया। उधर, पथराव की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने लाठी सड़क पर पटक कर भीड़ को खदेड़ा। लगभग तीन घंटे तक चले इस उपद्रव के दौरान नौसड़ चौराहे से लेकर जवाहर चक तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
उधर, तनाव की स्थिति को देखते हुए देर रात तक नौसड़ और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। गीडा, गगहा, बांसगांव और तिवारीपुर थानों की पुलिस फोर्स मौके पर डटी रही। हंगामे के दौरान नौसड़ चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वाराणसी और लखनऊ की ओर जाने और आने वाले यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहे। देर रात स्थिति सामान्य होने के बाद यातायात बहाल कराया जा सका। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
भीड़ के पथराव में पुलिस ट्रक क्षतिग्रस्त, कई वाहन फंसे
भीड़ के पथराव में पुलिस के मिनी ट्रक का शीशा टूट गया। कई निजी वाहन भी पत्थर लगने से क्षतिग्रस्त हो गए। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने फोर्स को तैनात कर हालात पर नियंत्रण पाया। रात तक माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बना रहा।
छह पुलिसकर्मी घायल हुए, महिला पुलिस लहूलुहान
भीड़ के पथराव में महिला पुलिसकर्मी का सिर फूट गया है। वहीं पांच अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। महिला पुलिसकर्मी का खून से लथपथ हालत में फोटो वीडियो वायरल हो रहा है। इसके साथ ही पुलिस पर पथराव की घटना का सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल हो रहा है। इसपर यूजर और राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के कमेंट भी आ रहे हैं।
किसने भड़काया, उस शख्स को खोज रही पुलिस
हनुमान की मौत के बाद परिजनों को किसने भड़काया, किसने भीड़ जुटाई, भीड़ को उकसा कर पुलिस पर पथराव कराया, उस शख्स की पुलिस तलाश कर रही है। सीसीटीवी कैमरे और मुखबिरों की मदद से कुछ लोगों के फोटो और वीडियो सामने आए हैं। पुलिस उनकी भूमिका का पता लगा रही है। माना जा रहा है कि पुलिस पर पथराव की घटना का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें पत्थर चलाने वाली महिलाओं और पुरुषों को चिह्नित किया जा रहा है।
पत्नी बोली-नौसड़ चौकी इंचार्ज ने की लापरवाही
हनुमान की पत्नी लक्ष्मीना ने कहा कि पति पर आरोपी रोशन पीछे से रॉड से वार करके भाग गया था। इसमें उसके साथ अन्य लोग भी थे। आरोप है कि गीडा थाने में पुलिस ने खुद बोलकर केस दर्ज कराया। लक्ष्मीना ने आरोप लगाया कि नौसड़ चौकी इंचार्ज ने कार्रवाई में लापरवाही बरती।
हाईवे पर लगा लंबा जाम, शहर में नहीं पहुंचा दूध
गीडा इलाके से कई कंपनियों का दूध और ब्रेड रोज सुबह शहर में आता है। चक्का जाम होने की वजह से दूध, ब्रेड वाली गाड़ियां फंस गईं। शहरवासी सुबह से ही खासकर दूध के लिए परेशान रहे। दुकानदारों का कहना था कि सुबह दूध नहीं आने से कई ग्राहक निराश लौट गए।
चौराहे से पुलिस ने हटाया शव तो हुआ पथराव
शाम को करीब 5 बजे जब पोस्टमॉर्टम के बाद शव हनुमान के घर लाया गया। इसके बाद परिवार एक बार फिर शव को लेकर नौसड़ चौराहे की तरफ चल पड़ा। यहां उन्होंने शव रखकर जाम लगाने की कोशिश की। इस बीच पुलिस ने उन्हें जबरन हटा दिया। इससे नाराज होकर लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
किराना दुकान चलाते थे हनुमान
हनुमान चार भाइयों में सबसे छोटे थे। वह घर पर ही किराना की दुकान चलाते थे। उनकी दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी की बीमारी से मौत हो गई थी। उससे एक बेटी भी है जिसकी शादी हो चुकी है। हनुमान ने दूसरी शादी लक्ष्मीना से की। उनसे एक लड़का और एक लड़की है।