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Gorakhpur News: गद्दी विरासत में मिल सकती है, बुद्धि नहीं

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गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर गोरखपुर विभाग द्वारा आयोजित
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सीएम योगी ने सपा प्रमुख पर साधा निशाना, बोले-बबुआ ने कुम्हारों की पीड़ा समझी होती तो नहीं देते अनर्गल बयान
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आरएसएस के ‘दीपोत्सव से राष्ट्रोत्सव’ कार्यक्रम में सीएम योगी के निशाने पर कांग्रेस भी

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के दीपोत्सव को लेकर सपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बयान पर तंज कसा। मंगलवार को सीएम ने कहा कि गद्दी तो विरासत में मिल सकती है, बुद्धि नहीं। बिना विवेक वाले लोग ही दीपावली का विरोध करते हैं। बयान देकर अखिलेश यादव ने यह सिद्ध कर दिया है कि उन्हें अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर, देवी देवताओं, सनातन धर्म और हिंदू धर्म के पर्व-त्योहारों से भी नफरत है। उनका बयान प्रजापति समाज (कुम्हारों) का भी अपमान करने वाला है।

सीएम योगी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष पर गोरखपुर विभाग की ओर से आयोजित विचार-परिवार कुटुंब स्नेह मिलन एवं ‘दीपोत्सव से राष्ट्रोत्सव’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंगलवार देर शाम योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर बन पाया है।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा के कालखंड में असंभव को भी संभव होते देखा गया है। राम मंदिर को लेकर सपा, कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोग प्रश्न करते थे, संघ के स्वयंसेवक दृढ़ संकल्प से कहते थे कि मंदिर जरूर बनेगा। संघ ने बंदिशें झेलीं, स्वयंसेवकों ने लाठी गोली खाई। परिणाम भव्य श्रीराम मंदिर के रूप में सबके सामने है।

किसानों और कुम्हारों का अपमान किया अखिलेश ने

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अयोध्या साढ़े आठ वर्ष पूर्व वीरान थी, अब वहां का भव्य दीपोत्सव पूरी दुनिया देख रही है। इस बार 26 लाख 17 हजार दीये जलाने का नया विश्व रिकाॅर्ड बना है। सपा को दीया जलाने पर भी परेशानी है। सपा प्रमुख का बयान तिलहन की पैदावार कर दीयों को तेल देने वाले अन्नदाता किसानों और मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हारों का अपमान है। 2017 के पूर्व मिट्टी को लेकर कुम्हारों की पीड़ा को अगर समझा होता तो बबुआ (सपा प्रमुख अखिलेश यादव) बचकाना बयान नहीं देते। उन्हें नहीं मालूम है कि दो करोड़ लोग मिट्टी के दीयों से लेकर बर्तन के व्यापार से जुड़े हुए हैं। मिट्टी के उत्पाद आर्थिक निर्भरता और स्वावलंबन का प्रतीक हैं। सीएम ने कहा कि अखिलेश, दुर्योधन की मूर्ति लगाने की बात करते हैं, हमने कहा कि कंस की भी मूर्ति लगवा लो। सपा को रामद्रोही, कृष्णद्रोही और सनातन पर्व द्रोही बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अयोध्या, मथुरा और वृंदावन की आभा चमकाती रहेगी।
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कांग्रेस ने शपथ पत्र देकर नकारा था भगवान राम व कृष्ण का वजूद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कांग्रेस को भी निशाने पर रखा। कहा कि कांग्रेस प्रभु राम और कृष्ण को नकारती थी। कांग्रेस ने अदालत में एफिडेविट देकर कहा था कि भगवान राम और कृष्ण मिथक हैं। सपा सरकार ने निर्ममता के साथ रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं। आज दुनिया अयोध्या में आकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर अभिभूत हो रही है। पिछले साल 6 करोड़ लोगों ने अयोध्या में प्रभु राम का दर्शन किया। प्रयागराज में महाकुंभ के 66 करोड़ से अधिक लोग साक्षी बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा और कांग्रेस के लोग इसमें शुरुआत से ही खोट निकाल रहे थे।
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