गोरखपुर। लाइनलास को लेकर बिजली निगम को काफी नुकसान हो रहा है। इसको लेकर बिजली निगम ने अब विजिलेंस को भी फील्ड में उतार दिया है। यह टीम जहां ज्यादा लाइनलास है वहां के ट्रांसफार्मर से जुड़े उपभोक्ताओं के परिसर की जांच करेगी। दो किलोवाट क्षमता का कनेक्शन लेकर इससे ज्यादा उपभोग हो, कटिया लगाकर या मीटर में शंट लगाकर बिजली चोरी के मामले हों, जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जिन इलाकों में लाइनलास ज्यादा है उसे हाट-स्पाॅट घोषित किया जाएगा।
बिजली निगम का जोर लाइनलास को कम करना है। इसके साथ ही गर्मी में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए ट्रांसफार्मरों पर लोड बराबर रखने पर भी काम चल रहा है। जिन ट्रांसफार्मरों पर उपभोक्ताओं की संख्या कम है लेकिन यह ओवरलोड हैं, इनकी विशेष रूप से जांच कराई जा रही है। पिछले दिनों लखनऊ में हुई बैठक में बिजली निगम ने चेयरमैन डा. आशीष गोयल ने कहा कि यदि पावर ट्रांसफार्मर जलेंगे तो संबंधित अभियंताओं की जिम्मेदारी होगी। इसे देखते हुए सभी पावर ट्रांसफार्मराें की भी जांच कराई जा रही है। चेयरमैन ने गर्मी में निर्बाध आपूर्ति के लिए हर उपाय करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि गड़बड़ियों को तत्काल दूर कराया जाए और कोई भी समस्या हो तो इसका तत्काल समाधान कराया जाए। लाइन से जुड़े कर्मचारियों को हर हाल में सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल करना ही होगा।