डीपीआर के लिए मुख्यालय को भेजा गया प्रस्ताव
गोरखपुर। वाराणसी हाईवे पर गोरखपुर से मऊ के बीच नए अंडरपास बनाने के लिए सर्वे की प्रक्रिया तेज हो गई है। एनएचएआई ने इसके लिए डीपीआर का प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया है। बड़े बाजारों में अंडरपास बन जाने से न केवल हादसे कम होंगे, बल्कि आवागमन में सहूलियत भी होगी।
गोरखपुर वाराणसी हाईवे के किनारे बसी नई आबादी और हाईवे निर्माण के बाद बनी नई सड़कों के कारण कई स्थानों पर अंडरपास की जरूरत बढ़ गई है। यहीं कारण है कि स्थानीय लोग अंडरपास की मांग भी कर रहे हैं और आंदोलन की चेतावनी भी दे रहे हैं। करीब एक दशक पहले अंडरपास के लिए सर्वे हुआ हुआ था, जबकि अब स्थितियां बदल गई हैं। एनएचएआई ने गोरखपुर वाराणसी हाईवे पर नए अंडरपास बनाने के लिए डीपीआर कराने की अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजा है। इसके साथ दुर्घटनाओं सहित अन्य तथ्यों को संलग्न किया गया है। डीपीआर की अनुमति के मामले में जल्द ही जवाब भेज दिया जाएगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक ललित प्रताप पाल ने बताया कि गोरखपुर वाराणसी हाईवे पर नए अंडरपास के लिए डीपीआर की अनुमति का प्रस्ताव भेजा गया है। मुख्यालय ने कुछ सवाल पूछे हैं, जिसका जवाब तैयार किया गया है। मंजूरी मिलने पर सर्वे कराया जाएगा।