एसटीएफ ने यहां 22 जनवरी को मारा था छापा
गोरखपुर। पीपीगंज के नयनसर टोल प्लाजा का संचालन करने वाली एजेंसी पर दो साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करते हुए नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नई एजेंसी चयनित होने तक टोल टैक्स को सीधे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के खाते में जमा कराया जा रहा है।
टोल प्लाजा पर घोटाले की जांच के दौरान बीते 22 जनवरी को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नयनसर टोल प्लाजा पर भी छापा मारा था। इसके बाद एनएचएआई के गोरखपुर परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) ने भी जांच की थी। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद नयनसर टोल प्लाजा की संचालक एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। साथ ही एजेंसी को काली सूची में डालने के लिए मुख्यालय को संस्तुति की गई थी।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक ललित प्रताप पाल ने बताया कि एजेंसी को दो साल के लिए काली सूची में डाल दिया गया है। नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही नई एजेंसी काम शुरू कर देगी।