आरोपियों में राजू व रामलाल शामिल, 30 सितंबर को होगी सुनवाई
गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र में छात्र दीपक गुप्ता की हत्या के मामले में जेल में बंद दो आरोपियों ने अब जमानत के लिए सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आरोपियों में गीडा के दबहिया टोला नौसड़ निवासी राजू उर्फ महिपाल और रामलाल उर्फ श्यामलाल शामिल हैं। दोनों की ओर से दाखिल की गई जमानत अर्जी पर 30 सितंबर को सुनवाई निर्धारित की गई है। कोर्ट में अभियोजन की ओर से भी जवाब दाखिल किए जाने की तैयारी की जा रही है। विवेचक ने इसके लिए विधिक राय प्राप्त कर ली है।
पिपराइच क्षेत्र के महुआचाफी गांव में नीट की तैयारी कर रहे दीपक गुप्ता की पशु तस्करों ने ईंट से सिर कूचकर हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी रामपुर के शहर कोतवाली के मुहल्ला घेर मर्दान खां निवासी जुबैर उर्फ कालिया शुक्रवार रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गिराया था। जबकि कुशीनगर निवासी रहीम, दबहिया टोला नौसड़ निवासी राजू उर्फ महिपाल और रामलाल उर्फ श्यामलाल और छोटू को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। वहीं बिहार के गोपालगंज निवासी मन्नू सेठ ने बिहार कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है।
अब जबकि प्रकरण की सुनवाई आगे बढ़ रही है, राजू और रामलाल की ओर से अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया के तहत विवेचक ने अभियोजन पक्ष को मजबूत करने और जमानत अर्जी का विरोध करने के लिए सरकारी वकील से विधिक राय ली है। अदालत में अभियोजन की ओर से यह तर्क रखा जाएगा कि मामला बेहद गंभीर है और समाज में इसकी व्यापक प्रतिक्रिया हुई थी। यदि आरोपियों को जमानत मिलती है तो इससे गवाहों पर दबाव डालने और साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
इधर, रोहित के पिता दुर्गेश ने भी अदालत से आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज करने लिए अधिवक्ता से मिले हैं। उनका कहना है कि आरोपियों को रिहा किए जाने से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होगी और उन्हें तथा गवाहों को जान का खतरा हो सकता है। इस मामले में 30 सितंबर को अदालत के सामने दोनों पक्षों के तर्क रखे जाएंगे।