आमान परिवर्तन के दौरान यार्ड में स्थापित हुआ इलेक्ट्राॅनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम, कंप्यूटर पर माउस से ही सिग्नल और पॉइंट बनाएंगे स्टेशन मास्टर
गोरखपुर। नेपाल सीमा से सटे नेपालगंज रोड स्टेशन पर भी अब ट्रेनें माउस से चलाई जाएंगी। स्टेशन के यार्ड में ट्रेन आने के पहले रेल कर्मियाें को सिग्नल और प्वाइंट नहीं बनाना पड़ेगा। स्टेशन मास्टर और कंट्रोलर पैनल कंप्यूटर पर माउस से ही यह काम कर देंगे। इसके लिए यार्ड के पास इलेक्ट्राॅनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया गया है।
बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रेल खंड का आमान परितर्वन किया गया है। इसी दौरान नेपालगंज रोड स्टेशन के यार्ड में इलेक्ट्राॅनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम भी स्थापित कर दिया गया। नेपाल सीमा पर एनईआर में तीन स्टेशन नौतनवां, बढ़नी और नेपालगंज रोड स्टेशन है। नौतनवां में पहले ही इलेक्ट्राॅनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया गया है।
शुक्रवार को रेल संरक्षा आयुक्त ने 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाकर स्पीड ट्राॅयल किया और नेपालगंज रोड स्थित इलेक्ट्राॅनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम को भी परखा। इलेक्ट्राॅनिक इंटरलाकिंग सिस्टम लगने से स्टेशन मास्टर और कंट्रोलर पैनल की जगह हाईटेक एलईडी स्क्रीन पर यार्ड प्लान और एक क्लिक से ट्रेनों का रूट बना सकेंगे। इसके लगने से सिग्नल और पॉइंट फेल होने की समस्या तो समाप्त होगी ही, अधिक से अधिक ट्रेनें भी चलाई जा सकेंगी। गाड़ियों का परिचालन भी तेज होगा।
नेपालगंज रोड से जल्द चलाई जाएंगी ट्रेनें
नेपालगंज रोड से जल्द ही एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेल प्रशासन ने बनारस-बहराइच इंटरसिटी और गोरखपुर बहराइच एक्सप्रेस का मार्ग विस्तार नेपालगंज रोड तक करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके पहले दो पैसेंजर ट्रेनें चलाई जाएंगी।
नेपाल सीमा पर स्थित नेपालगंज रोड स्टेशन तक ब्रॉड गेज कनेक्टिविटी के साथ एक और उपलब्धि जुड़ी है। अब नेपालगंज रोड स्टेशन भी डिजीटली इंटरलॉक हो गया है। यहां भी अब माउस के एक क्लिक से रूट सेट होगा और ट्रेनें दौड़ेंगी।
-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ-एनईआर