पूरे दिन जाम में फंसी गाड़ियां उगलती रहीं धुआं, बढ़ गया कार्बन
सुबह-शाम सैर पर जाने वालों की बढ़ेगी मुश्किलें
गोरखपुर। शहर में सोमवार को पूरे दिन लगे जाम ने वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना दिया। शाम सात बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 270 के पार पहुंच गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। यह स्तर सांस के रोगियों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए नुकसानदायक माना जाता है।
दिनभर शहर के कचहरी चौराहा, शास्त्री चौक, आंबेडकर चौक, गणेश चौक, मोहद्दीपुर और असुरन चौराहे पर पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। जाम में फंसे वाहनों के एग्जॉस्ट पाइप से लगातार निकलते धुएं ने हवा में कार्बन और पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5 व पीएम 10) की मात्रा बढ़ा दी।
एमएमएमयूटी के पर्यावरणविद प्रो. सत्यप्रकाश ने बताया कि सर्दी की शुरुआत में प्रदूषक तत्व हवा में लंबे समय तक टिके रहते हैं। क्योंकि तापमान कम होने से हवा का प्रवाह धीमा पड़ जाता है। ऐसे में धुआं और धूल जमीन के करीब जमा होकर वायु गुणवत्ता को और खराब करते हैं। शहर में जाम की स्थिति ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी मिश्रा ने बताया कि यह स्थिति अस्थमा, एलर्जी और हृदय संबंधी बीमारियों के मरीजों के लिए और भी खतरनाक हो सकती है। उन्होंने सलाह दी है कि सुबह और शाम के समय सैर या व्यायाम करने से बचें, क्योंकि इन घंटों में प्रदूषण का स्तर अधिक रहता है।
इस संबंध में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी आशुतोष चौहान से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल पाया।