दो दिन से बंधक बनाए गए युवक की पत्नी ने कैंपियरगंज थाने में दी तहरीर
कमरे में बंद कर पिटाई का भी आरोप, 20 हजार रुपये भेजने पर मारपीट की बंद
गोरखपुर। कैंपियरगंज इलाके के एक युवक को काम देने के बहाने झारखंड में ले जाकर बंधक बनाकर फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो दिन से उसे झारखंड में बंधक बनाकर रखा गया है और उसे छोड़ने के बदले छह लाख रुपये की फिरौती मांगी गई है। उसके साथ मारपीट भी की गई, जिसे फोन करके सुनाया गया।
20 हजार रुपये ऑनलाइन भेजने के बाद मारपीट तो बंद कर दी गई, लेकिन रुपये की मांग अभी भी की जा रही है। पीड़ित की पत्नी ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई मांग की, लेकिन पुलिस ने झारखंड में जाकर शिकायत करने की सलाह देकर लौटा दिया।
शिवपुर करमहा गांव की रुकसाना खातून ने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि पति अब्दुल सलाम मजदूरी करते हैं। एक मई को संतकबीरनगर के रहने वाले तीन व्यक्ति उनके घर आए। उन्होंने अपना मोबाइल नंबर दिया और झारखंड में बेहतर काम दिलाने की बात कही। पति ने काम करने की इच्छा जाहिर की तो तीनों फिर तीन मई को घर आए और काम देने की बात कहकर गाड़ी में बैठाकर धनबाद, झारखंड लेकर चले गए।
वहां जाने के बाद उन्हें कमरे में बंधक बना लिया गया। इसके बाद छह लाख रुपये की मांग करने लगे। महिला ने बताया कि आरोपियों का कहना है कि छह लाख रुपये देने पर ही पति को छोड़ेंगे, नहीं तो जान से मार देंगे। पति के साथ मारपीट होने पर 20 हजार रुपये भेजे थे तो मारपीट नहीं की जा रही है, लेकिन अब भी वह बंधक हैं।
रुकसाना खातून ने मंगलवार को एसएसपी ऑफिस जाकर भी प्रार्थना पत्र दिया है। डे अफसर ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
बलिया के युवकों को बंधक बनाकर वसूले थे पांच लाख रुपये
अक्तूबर 2024 में जिले के कैंट थाना क्षेत्र में भी बलिया के मजदूरों को बंधक बनाकर पांच लाख रुपये वसूलने का मामला सामने आया था। बलिया के रसड़ा थाना क्षेत्र के नरेश कुमार, फेकना थाना क्षेत्र के पांडेयपुर निवासी जितेंद्र राजभर, गड़वार थाना क्षेत्र के अंदौर निवासी बबलू कुमार ने कैंट थाने में केस दर्ज कराया था। पीड़ितों ने बताया कि इंटरलॉकिंग ईंट बनाने वाली कंपनी में काम देने के बहाने आरोपियों ने गोरखपुर बुलाया। यहां आने पर बस स्टैंड के पास कुछ लोग गाड़ी से आए और कहा कि वे क्राइम ब्रांच से हैं। फिर तस्करी का आरोप लगाकर गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद कहा कि पांच लाख रुपये का इंतजाम करो नहीं तो जेल जाओगे। खुद को मजदूर बताने पर आरोपियों ने जमकर पीटा। इसके बाद पीड़ितों ने पांच लाख रुपये घरवालों से कहकर आरोपियों के खाते में भिजवाए, तब जाकर उनकी आंखों में पट्टी बांधकर देवरिया रोड पर छोड़ा गया। इस गिरोह के सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था।