चिड़ियाघर के बाड़े में अचानक हो गई थी पीलीभीत से लाए गए केसरी की मौत
हेड ऑफ फाॅरेस्ट सुनील चौधरी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुराधा बेमुरी चिड़ियाघर पहुंचीं
गोरखपुर। चिड़ियाघर में पीलीभीत से रेस्क्यू करके लाए गए बाघ केसरी की मौत का राज अब आईवीआरआई (इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट) बरेली की जांच रिपोर्ट से खुलेगा। एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट आने की उम्मीद है। आशंका है कि बाघ की मौत उसके दिमाग में ट्यूमर से हुई है। सोमवार को प्रदेश के हेड ऑफ फॉरेस्ट सुनील चौधरी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा बेमुरी चिड़ियाघर पहुंचीं। दोनों ने बाघ की मौत से जुड़ीं जानकारियां जुटाईं।
बीते रविवार को चिड़ियाघर में बाघ केसरी की अचानक मौत हो गई थी। आईवीआरआई के डॉ. एम करिकलन और लखनऊ चिड़ियाघर के डॉ. बिजेंद्र मणि यादव ने पोस्टमॉर्टम किया। बाघ के दिमाग में पानी भरा मिला। इसका सैंपल आईवीआरआई के डॉ. एम करिकलन ले गए।
उधर, हेड ऑफ फॉरेस्ट सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा बेमुरी और लखनऊ चिड़ियाघर के डॉ. उत्कर्ष शुक्ला सोमवार को सुबह नौ बजे चिड़ियाघर पहुंचे। उन्होंने यहां के चिकित्सकों से घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी देखी। पूछा कि बाघ के दिमाग में यह बीमारी पल रही थी, लेकिन इसके बारे में किसी को पता क्यों नहीं चला।
इसपर चिकित्सकों ने बताया कि बाघ शारीरिक रूप से स्वस्थ था और भरपूर खुराक ले रहा था। उसके सिर पर किसी प्रकार के चोट के निशान भी नहीं थे। टीम ने अन्य जानवरों का भी हाल जाना।
बाड़े में हुई थी मौत
बाघ केसरी की शनिवार को तबीयत बिगड़ गई थी। वह सुबह से ही काफी उग्र हो गया था। दिनभर चिकित्सकों ने उसे नियंत्रित करने की कोशिश की। शाम को वह शांत भी हो गया, लेकिन रविवार की भोर में शरीर में कोई हरकत नहीं हाेने पर जू कीपरों ने चिकित्सकों को सूचना दी। डॉक्टरों ने देखा तो केसरी दम तोड़ चुका था। रविवार की शाम पोस्टमॉर्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।