पीलीभीत से रेस्क्यू कर आया है विशालकाय बाघ
गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए बाघ को सीएम योगी आदित्यनाथ बाड़े में छोड़ेंगे। बाड़े में छोड़ने के साथ ही वह इसका नामकरण भी करेंगे। बाघ की कद काठी को देखते हुए ही उसका नाम भी रखा जाएगा।
पीलीभीत के बाघ देश भर के बाघों से कद काठी में मजबूत माने जाते हैं। बंगाल टाइगर की तुलना में इनका वजन भी ज्यादा होता है। इसी वजह से यह ज्यादा खतरनाक भी होते हैं। चिड़ियाघर में पीलीभीत से लाया गया बाघ भी कुछ ऐसा ही है। चिड़ियाघर में बाघ अमर और सफेद बाघिन गीता है। सफेद बाघिन गीता की खूबसूरती दर्शकों को आकर्षित भी करती है। इसकी लंबाई अमर से ज्यादा लगती है। लेकिन, पीलीभीत से लाए गए बाघ की कद काठी प्रदेश भर के चिड़ियाघर के बाघों से भी ज्यादा है। साथ ही बाघ अमर और बाघिन गीता के वजन से 80 से 90 किलो ज्यादा है। जानकार बताते हैं कि प्रदेश में दूसरा कोई बाघ पीलीभीत से लाए गए बाघ जैसा नहीं है। यह पूरी तरह से जंगली और शिकार करना बखूबी जानता है।