बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को चंपा देवी पार्क में आयोजित पार्टी की चुनावी रैली में भाजपा और सपा पर जमकर हमला बोला। कहा कि कांग्रेस की तरह भाजपा ने भी संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया। बसपा ने सत्ता में रहते हुए सभी के हितों का ख्याल रखा। इन जातिवादी, पूंजीवादी और सांप्रदायिक सोच वाले ऐसे दलों के रहते कभी गरीबों, दलितों, पिछड़ों एवं अल्पसंख्यकों का उत्थान नहीं हो सकता। पूरे देश में एससी और ओबीसी का कोटा नहीं भरा गया। समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि सपा सत्ता में रहते हुए सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण को खत्म कराया, जिसे अभी तक लोग भूले नहीं हैं।
भाजपा पर हमला करते हुए मायावती ने कहा कि सत्ता में रहते हुए उसने अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने के सरकारी विभागों में निजीकरण को लागू किया। निजीकरण के माध्यम से भर्ती की जा रही है। इसमें बिना आरक्षण प्रक्रिया के भर्ती किया जा रहा है। हिंदुत्व की आड़ में एक विशेष वर्ग पर जुल्म किया जा रहा है। उनको गरीब की हालत नजर नहीं आती है। सरकार की खराब आर्थिक नीति का असर देश पर पड़ा है। आम जनता के साथ मध्यम वर्गीय व्यापारी परेशान हैं। भाजपा और विपक्षी दल सत्ता में आने के लिए साम, दाम, दंड, भेद का प्रयोग कर रहे हैं। भाजपा और संघ के लोग गांवों में जाकर पांच किलो अनाज देने की बात कर रहे हैं। वह राशन आपके द्वारा टैक्स के रूप में दिए गए रुपये का है। ऐसे में सतर्क रहने की जरूरत है। उनके झांसे में न आएं। उनके सत्ता में आने पर हर हाथ को काम देने का काम करेगी।