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Gorakhpur News: सीमावर्ती जिलों के गांवों के सर्किल रेट में 15 फीसदी से ज्यादा अंतर नहीं

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बृहस्पतिवार को निबंधन कार्यालय में हुई बैठक में सर्किल रेट पर मंथन
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प्रस्तावित सर्किल रेट आज डीएम के सामने होगा प्रस्तुत
गोरखपुर। सीमावर्ती जिलाें और तहसीलों की सीमा वाले गांवों में सर्किल रेट की असमानता को कम करने के लिए निबंधन कार्यालय में लगातार मंथन चल रहा है। बृहस्पतिवार को एआईजी स्टांप संजय दुबे की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि 15 प्रतिशत से अधिक अंतर सर्किल रेट में नहीं होना चाहिए। इसे लेकर शुक्रवार को डीएम के सामने प्रस्तावित सर्किल रेट प्रस्तुत किया जाएगा। डीएम की सहमति मिलने के बाद इसे लागू करने के लिए शासन को भेजा जाएगा।

शासन ने दो जिलों की सीमा और जिले में तहसील स्तर पर सर्किल रेट के असमानता को दूर करने का निर्णय लिया है। शासन के निर्देश पर हुई जांच में दो जिलों की सीमा से सटे 144 गांव मिले हैं, जहां 25 फीसदी से लेकर 300 फीसदी से ज्यादा सर्किल रेट का अंतर पाया गया है। ये गांव गोरखपुर और इससे सटे जिले महराजगंज, संतकबीरनगर, देवरिया, कुशीनगर, मऊ और आजमगढ़ की सीमा वाले हैं। इसके अलावा गोरखपुर की सात तहसीलों की सीमा से सटे 274 गांव भी चिह्नित हुए हैं, जहां सर्किल रेट में 200 फीसदी तक अंतर है।
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बृहस्पतिवार को जिले के आठ रजिस्ट्रार ने देर शाम तक इस पर मंथन किया और प्रस्तावित सर्किल रेट तैयार कर लिया है। इसके मुताबिक, दूसरे जिले से सटे गोरखपुर के गांवों में अधिकतम 10 फीसदी ही सर्किल रेट बढ़ेगा, जबकि अन्य जिलों की सीमा वाले गांवों में 100 फीसदी से ज्यादा रेट बढ़ाया जाएगा। ताकि दोनों जिलों के गांवों में 15 फीसदी से ज्यादा अंतर न हो सके। इसी प्रकार जिले की तहसीलों का भी सर्किल रेट का निर्धारण किया जा रहा है। बैठक में सदर तहसील के सब रजिस्ट्रार प्रसेनजीत सिंह, रजत कुमार सहित आठ रजिस्ट्रार मौजूद रहे।
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