25 अगस्त को होना है गोरखपुर विश्वविद्यलाय का 44वां दीक्षांत समारोह
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आंबेडकर होते हुए पहुंच सकती हैं गोरखपुर
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह के समय में बदलाव की संभावना है। 25 अगस्त को दीक्षांत का आयोजन योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होना है। आयोजन का समय सुबह 10 बजे से प्रस्तावित है। हालांकि अब दीक्षांत समारोह दोपहर एक बजे के बाद आयोजित करने की तैयारी है।
बताया जा रहा है कि कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल 25 अगस्त को लखनऊ से सीधा गोरखपुर पहुंचने वाली थीं। अब उनके कार्यक्रम में परिवर्तन की सूचना है। वे आंबेडकरनगर होकर आ सकती हैं। इसे देखते हुए समय में परिवर्तन किया जा रहा है। समय बदले जाने को लेकर डीडीयू प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीडीयू की तरफ से आमंत्रण पत्र पहले ही छप चुके हैं। पिछले दो दिनों से आमंत्रण पत्र का वितरण भी किया जा रहा है। आमंत्रण पत्र पर सुबह 10 बजे से आयोजन का समय अंकित है। समय में बदलाव को लेकर शुक्रवार को राजभवन से मिनट्स भी जारी होने की संभावना है।
डीडीयू के गेस्ट हाउस में करेंगी रात्रि विश्राम
कुलाधिपति डीडीयू के गेस्ट हाउस में ही रात्रि विश्राम करेंगी। इसे लेकर डीडीयू प्रशासन गेस्ट हाउस को सजा रहा है। कुलाधिपति गेस्ट हाउस के जीर्णोद्धार कार्यों का लोकार्पण भी करेंगी। अगले दिन यानी 26 को एमएमएमयूटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी।
करीब तीन घंटे चलेगा दीक्षांत समारोह
दीक्षांत समारोह करीब तीन घंटे तक चलेगा। स्वर्ण पदक विजेताओं की संख्या अधिक होने के कारण पदक वितरण में लगभग 50 मिनट का समय लगेगा। दीक्षांत के मंच से कुलाधिपति विभिन्न भवनों के लोकार्पण व शिलान्यास करेंगी। दीक्षांत न्यूज लेटर एवं पुस्तकों का विमोचन भी करेंगी।
आंतरिक रिहर्सल कर आज तैयारियों को परखेगा डीडीयू
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि डीडीयू के श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण के साथ ही आंतरिक रिहर्सल का आयोजन भी किया जाएगा। आंतरिक रिहर्सल के जरिये डीडीयू प्रशासन अपनी तैयारियों को परखना चाहता है। फाइनल रिहर्सल आयोजन स्थल गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में 24 अगस्त को होगा।
पांच शिक्षकों को टीचर्स एक्सीलेंस अवार्ड
राजभवन की पहल पर डीडीयू में पहली बार दीक्षांत के मंच से अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि एक्सीलेंस अवार्ड के लिए लगभग 70 से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किया है। इस सम्मान के लिए पांच शिक्षकों के चयन का निर्णय लिया है। शुक्रवार को चयन कर शिक्षकों के नाम की घोषणा की जाएगी।
साइबर अपराध से डरने की जरूरत नहीं
गोरखपुर। डीडीयू के महिला अध्ययन केंद्र एवं गृह विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दीक्षांत सप्ताह के तहत बृहस्पतिवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। ''''''''साइबर कानून और सोशल प्लेटफॉर्म: एक युवा दृष्टिकोण'''''''' विषय पर आयोजित कार्यशाला में अधिवक्ता रूपल त्रिपाठी ने बताया कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और विभिन्न एप्स के जरिये व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग कर लोगों को ब्लैकमेल किया जा रहा है। ऐसे मामलों में डरने या चुप रहने की बजाए साइबर सेल या थाने में शिकायत दर्ज कराना आवश्यक है। महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या रानी सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में डॉ. अनुपमा कौशिक एवं डॉ नीता सिंह आदि मौजूद रहीं।