ड्राइंग के बाद अब टेंडर की तैयारी, ओवरब्रिज की लंबाई 674 और चौड़ाई करीब 17 मीटर होगी, कुल बनेंगे 26 पिलर
कैंट रेलवे स्टेशन तक पहुंचने की राह होगी आसान, 18 कॉलोनियों के लोग भी बचेंगे जाम से
गोरखपुर। कैंट रेलवे स्टेशन यार्ड के पूर्वी छोर पर स्थित 157-ए स्पेशल रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए रेल प्रशासन ने जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) तैयार कर ली है। इसे अनुमोदन मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ओवरब्रिज की लंबाई 674 मीटर और चौड़ाई करीब 17 मीटर होगी। रेलवे क्रॉसिंग के बाद स्टेशन की ओर पुल को एल आकार में बनाया जाएगा।
ओवरब्रिज बन जाने से जहां कैंट रेलवे स्टेशन तक पहुंचना आसान हो जाएगा, वहीं 15 से ज्यादा कॉलोनियों के लोग और स्कूली बच्चे जाम में फंसेंगे नहीं। कैंट स्थित रेलवे क्रासिंग पर यह ओवरब्रिज टू लेन में बनेगा और निर्माण पर 69 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेल प्रशासन की डीपीआर के मुताबिक, ओवरब्रिज की लंबाई 674 मीटर और चौड़ाई करीब 17 मीटर होगी। इसमें 26 पिलर बनाए जाएंगे। नए डिजाइन में कुछ संशोधन किया गया है। अब ओवरब्रिज को जीआरडी स्कूल के अंतिम छोर के सामने से उठाया जाएगा और रेलवे क्रॉसिंग के तुरंत बाद 350 मीटर की लंबाई में एल शेप में कर दिया जाएगा। यहां से टू लेन बनाकर ओवरब्रिज को कनेक्ट कर दिया जाएगा।
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इन कॉलोनियों को मिलेगी राहत
सैनिक विहार कॉलोनी, पवन विहार कॉलोनी, एयरफोर्स कॉलोनी, विष्णु विहार कॉलोनी, टीचर्स कॉलोनी, कोड़इया, गायत्री नगर, राहुल नगर, सिंहासनपुर, काशीपुरम, अयोध्यापुरम, दरगहिया, लालगंज, झरना टोला, मोहनापुर, उचवां, नाथनगर और बिछिया के लोग रेलवे क्रासिंग होकर आते-जाते हैं। यहां के लोगों को बड़ी सहूलियत होगी।
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स्कूली बच्चों और मरीजों को नहीं होगी देरी
एयरफोर्स हॉस्पिटल, केंद्रीय विद्यालय, नीना थापा इंटर कॉलेज, एयरफोर्स स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल, सेंट स्टीफेंस लिटिल कान्वेंट स्कूल, जानकी मॉडर्न स्कूल और जेसी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में शहर से बच्चे पढ़ने आते हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे बस और ऑटो, वैन में जाते हैं। रेलवे क्रॉसिंग का फाटक गिरने के चलते अक्सर जाम में फंस जाते हैं और स्कूल पहुंचने में देर होती है। इसके अलावा कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से दूर-दूर से मरीज एम्स में इलाज के लिए आते हैं। इन्हें भी क्रॉसिंग की वजह से देर होती है।
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160 से ज्यादा ट्रेनें, दिन भर दौड़ते हैं इंजन...घंटों लगता है जाम
कैंट रेलवे क्रासिंग से होकर रोजाना करीब 160 से ज्यादा ट्रेनें और मालगाड़ी गुजरती है। इसके अलावा दिन में भी शंटिंग के लिए इंजन दौड़ते रहते हैं। इसके चलते लगातार क्रासिंग गिरा रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत सुबह स्कूल और ऑफिस जाते और फिर लौटते समय होती है।
बृहस्पतिवार को भी सुबह करीब 10 बजे के आसपास एक के बाद एक कई ट्रेनें और मालगाड़ियां गुजरने से करीब पौने घंटे तक रेलवे क्रॉसिंग बंद रही और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, देर होने पर कुछ बाइक सवार झुककर क्रॉसिंग पार करके निकलते रहे। झरना टोला के राजीव चौहान ने बताया कि अब तो आदत सी हो गई है। क्रॉसिंग बंद होने के चलते कहीं भी समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। बच्चों के स्कूल के लिए घूमकर नंदानगर के रास्ते आता-जाता हूं। दरगहिया के सुशील कहते हैं, ओवरब्रिज बन जाने से बहुत राहत मिलेगी। अभी तो पछतावा होता है कि कहां से आकर यहां बस गए।
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कोट
गोरखपुर कैंट में स्थित रोड ओवरब्रिज का कार्य स्वीकृत है। इसके लिए जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग तैयार कर ली गई है। इसके अनुमोदन के बाद टेंडर जारी किया जाएगा। इस रोड पर ओवरब्रिज बन जाने से रेल उपयोगकर्ताओं के साथ साथ सड़क उपयोगकर्ताओं को भी राहत मिलेगी।
- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर