मौत की सूचना के बाद घर पर इकट्ठा हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे के सेक्शन इंजीनियर की सड़क हादसे में मौत की खबर सुनकर परिवार के साथ ही ग्रीन सिटी वासियों के भी चेहरे मुर्झा गए हैं। पिता रिटायर हेडमास्टर राम लखन और माता विमला देवी की आंखें बेटे के इंतजार में सोमवार की शाम टकटकी लगाकर गेट में बैठी थीं।
उन्होंंने बताया कि बेटा सुबह सात बजे यह कहकर निकला था कि रात में देर होगी, लेकिन मैं आउंगा। अब रात में उसका शव आ रहा है। वहीं रिश्तेदार दोस्त उनके साथ बैठकर उन्हें ढांढस बंधा रहे थे।
ग्रीन सिटी निवासी संतोष की पत्नी शालिनी श्रीवास्तव गृहणी हैं। उनकी बेटी सारा साई श्रीवास्तव इस साल कक्षा नौ में गई है। संतोष घर में सबसे बड़े थे, उनसे छोटे दुर्गेश और विष्णु उनके छोटे भाई हैं।
सुबह टहलने नहीं निकले संतोष
काॅलोनीवासियों ने बताया कि वहां 10 से 12 लोगों को ग्रुप था, जिनके साथ संतोष रोज सुबह टहलने निकलते थे। वह लोग सोमवार को सुबह संतोष को टहलने के लिए बुलाने घर गए। उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि उन्हें बहराइच जाना है। देर रात करीब 11:15 बजे संतोष का शव घर पहुंचा। शव देखकर परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे।